
अयोध्या, अमृत विचार। एसआईटी को मिले 15 दिन के अतिरिक्त समय की अवधि बुधवार को पूरी हो गई। माना जा रहा है कि वह कभी भी अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। वहीं, सूत्र बताते हैं कि मंगलवार की रात लखनऊ में एसआईटी के अधिकारियों, एडीजी जोन व अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें क्या तय हुआ, यह अभी सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चंपत राय को सिर्फ लापरवाही बरतने का दोषी पाया है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को एक से 15 जुलाई तक का एक्सटेंशन दिया गया था। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर उसे फाइल का रूप दे चुकी है। इसे जल्द ही अपर गृह सचिव संजय प्रसाद को सौंपा जा सकता है। इसके बाद आगे प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। रिपोर्ट में चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और जवाबदेही तय होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट में आपराधिक साजिश रचने में चंपत राय का नाम नहीं है, उन्हें सिर्फ लापरवाही का दोषी माना गया है। वहीं, भर्ती प्रक्रिया और नियमों में ढील देने में भारी कमियां पाई गई हैं। इसके लिए डॉ. अनिल मिश्रा को नियमों में शिथिलता बरतने का जिम्मेदार ठहराया गया है।
सूत्र बताते हैं कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि वह मंदिर व्यवस्था से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी रखता था। इसके अलावा रिपोर्ट में कई सुधारों का सुझाव दिया है, जिसमें ऑडिट के लिए नई टीम, कर्मियों की भर्ती में सिफारिशों पर रोक और कंट्रोल रूम में प्रभारी व अन्य कर्मियों द्वारा सक्रिय निगरानी शामिल है। इसके अलावा गणना से संबंधित एसओपी का शत प्रतिशत पालन करने की भी सलाह दी गई है।
लवकुश की पत्नी ने एडीए से मांगा एक महीने का समय
श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा ने बुधवार को अयोध्या विकास प्राधिकरण से मकान का कागजात लाने के लिए एक महीने का समय मांगा है। सहादतगंज क्षेत्र के बनबीर पुर में निर्माणाधीन मकान लवकुश की पत्नी सुप्रिया के नाम है। इसी को लेकर एडीए ने नोटिस चस्पा की थी। सुप्रिया ने इससे संबंधित अधूरे अभिलेखों के संबंध में प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र सौंपा। प्राधिकरण ने निर्माणाधीन मकान पर पहली नोटिस तीन जुलाई को जारी की थी।
इस पर उनका कोई जवाब नहीं आया था।इसके बाद दूसरी नोटिस जारी की गई जिसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई था। इसे अंतिम नोटिस के नाम से चस्पा किया गया था। इसके बाद आज बुधवार को चुपचाप अपनी बेटी और पिता के साथ एडीए पहुंची सुप्रिया ने सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए माह भर का समय मांगा, लेकिन अयोध्या विकास प्राधिकरण ने उन्हें सात दिन का समय दिया है। कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर मकान से संबंधित सभी वैध अभिलेख और पत्रावलियां प्रस्तुत किया जाना चाहिए। एडीए कार्यालय ने भी उनके यहां आने और समय मांगे जाने की बात बताई है।