राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : अनिल मिश्र पर दर्ज हो सकती है एफआईआर, चंपत राय के लिखित बयान से बढ़ीं मुश्किलें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : अनिल मिश्र पर दर्ज हो सकती है एफआईआर, चंपत राय के लिखित बयान से बढ़ीं मुश्किलें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : अनिल मिश्र पर दर्ज हो सकती है एफआईआर, चंपत राय के लिखित बयान से बढ़ीं मुश्किलें

अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद दूसरी बड़ी कानूनी कार्रवाई पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के खिलाफ हो सकती है। पूर्व महासचिव चंपत राय द्वारा एसआईटी को दिए गए लिखित बयान में पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा व बैंक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बयान के सामने आने के बाद अनिल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही उनके खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है।

चंपत राय द्वारा एसआईटी को दिए गए जवाब का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि राम मंदिर में चढ़ावे की राशि गिनने, जमा करने और बैंक से संबंधित एमओयू पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने अनिल मिश्रा को इस प्रक्रिया का मुख्य जिम्मेदार बताया और बैंक के साथ हुए समझौते तथा नकदी प्रबंधन में बदलावों पर सवाल उठाए। चंपत ने खुद को इन प्रक्रियाओं से अलग रखते हुए कहा कि वे इन व्यवस्थाओं से अनजान थे। इस बयान के वायरल होने के बाद पूरे मामले में हड़कंप मच गया है।

चढ़ावा चोरी जांच : हाउसकीपिंग स्टाफ से कराई गई नकदी की गणना

वहीं, दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तार आरोपियों में अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र को अनिल द्वारा वाराणसी की एक सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से मंदिर परिसर में एंट्री करवाई थी। उक्त एजेंसी ने हाउसकीपिंग के नाम पर इन्हें मंदिर परिसर में भेजा था, जबकि अनिल ने इन्हें रुपये गणना के काम में लगा दिया। अब तक इन्हीं आरोपियों के पास से सबसे ज्यादा नकदी आदि बरामद हुई है। साथ ही इनके नाम बेशकीमती संपत्ति आदि भी होने की पुष्टि हो चुकी है।

सूत्र बताते हैं कि इन आरोपियों ने पुलिस को लिखित बयान में अनिल मिश्र को चंदा चोरी होने की पूरी बात बताई है, बुधवार को अनुकल्प, लवकुश व करुणेश से पूछताछ में दोबारा इसकी पुष्टि होने की सूचना मिल रही है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि अनिल मिश्र के खिलाफ केस दर्ज करने के पुख्ता सबूत एकत्र हो चुके हैं। जल्द इनके खिलाफ केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है।

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