Quick Samachar: Ram Mandir Donation Scam:अयोध्या में राम मंदिर के दान में चोरी के विवाद पर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और केंद्र सरकार के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने राम मंदिर के मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए तत्काल इसकी जिम्मेदारी किसी अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारी के हाथों में सौंपने की वकालत की है।

शुक्रवार, 19 जून को मीडिया से चर्चा में मिश्र ने कहा कि मंदिर में दान की गिनती और सुरक्षा के लिए तय दिशानिर्देशों में चूक और लापरवाही हुई है। उन्होंने मंदिर का मैनेजमेंट तत्काल किसी अनुभवी सेवानिवृत्त अधिकारी को सौंपने की जरूरत बताई है।
दान की गिनती के लिए तय प्रक्रिया के पालन में चूक
नृपेंद्र मिश्र ने माना कि मंदिर में आने वाले दान की गिनती के लिए ट्रस्ट की ओर से जो नियमप्रक्रिया तय की गई थी उसके पालन पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि दान की सुरक्षा और निगरानी के लिए इसकी गिनती करने वालों के कपड़े भी स्टेट बैंक की सलाह से तय किए गए थे। दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की मंदिर में आतेजाते समय गहन जांच के भी निर्देश थे, लगता है उनके पालन में लापरवाही और चूक हुई है।
कुछ लोगों ने चंपत राय की सरलता का दुरुपयोग किया
मंदिर समिति के महामंत्री चंपत राय और उनके नजदीकी लोगों की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में मिश्र ने कहा कि चंपत राय जी एक बहुत संस्कारी औऱ निष्ठावान व्यक्ति हैं। उनका जीवन एक महत्वपूर्ण सामाजिक संगठन के जुड़ा है। अतः आज बिना किसी सबूत के उनकी निष्ठा,चरित्र और सादगी पर सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता।लेकिन निश्चित रूप से उनसे जुड़े लोगों ने चंपत राय की सरलता सादगी का भीषण दुरूपयोग किया है।
ट्रस्ट की संरचना में भी बदलाव की जरूरत
समिति के अध्यक्ष के अनुसार मंदिर ट्रस्ट की वर्तमान संरचना में भी बड़ी कठिनाई है। समस्या यह है कि ट्रस्ट के नियमित सदस्यों में 23 स्थानीय सदस्यों को छोड़कर अधिकांश सदस्य बाहर के हैं। इसलिए मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन में उनका सक्रिय सहयोग नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में महामंत्री स्थानीय रूप से उपलब्ध एकदो सदस्यों की सलाहमशविरे से व्यवस्थाओं के बारे में निर्णय लेते हैं। इसीलिए ट्रस्ट की मेंबरशिप की संरचना को भी नए सिरे से तय करने की जरूरत है।
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मंदिर के प्रबंधन में बड़े बदलाव के संकेत
नृपेंद्र मिश्र के मीडिया को दिए गए इन बयानों को निकट भविष्य में श्री राम मंदिर ट्रस्ट और मैनेजमेंट समिति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में मंदिर की समिति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण लोगों की विदाई भी तय मानी जा रही है। अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण और मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में मिश्र की केंद्रीय और अहम भूमिका मानी जाती है।
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