
कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में साइबर जालसाज लगातार लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। जालसाजों ने स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड कर्मी समेत सात के खातों से 19.97 लाख रुपये उड़ा लिए। कहीं जालसाज ने बैंककर्मी और कस्टमर केयर कर्मी बनकर फंसाया तो कहीं मोबाइल हैक कर यूपीआई के माध्यम से रुपये निकाले। साइबर ठगी के यह मामले बीबीडी, मदेयगंज, महानगर, गुडंबा, गोमतीनगर, तालकटाेरा व पारा थाना क्षेत्र के हैं। पुलिस सभी मामलों को दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच कर रही है।
बीबीडी के उत्तरधौना स्थित साईं रेजीडेंसी निवासी 72 वर्षीय चंद्र प्रताप सिंह का खाता यूको बैंक में है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को एक कॉल आयी। फोन के पीछे मौजूद शख्स ने बैंककर्मी बनकर केवाईसी अपडेट का झांसा दिया। जानकारी हासिल कर खाते से 99,642 रुपये पार कर दिए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वहीं, मदेयगंज के शिवनगर खदरा निवासी 60 वर्षीय बाल मुकुंद सिंह यादव के दो खाते इंडियन बैंक स्वास्थ्य भवन कैसरबाग शाखा में है। 12 जुलाई को साइबर जालसाज ने उनके खाते से सात बार में 4,13,636 रुपये गायब कर दिए।
उधर, महानगर के निशातगंज स्थित बाल्दा कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय अजय प्रताप सिंह का खाता यूनियन बैंक में है। जालसाज ने उनके खाते से 11 जुलाई को 1,43,808 रुपये निकाल लिए। इसके अलावा गुडंबा के कुर्सी रोड स्थित सृष्टि अपार्टमेंट निवासी गौरव सिंह ने बताया कि गूगल से नंबर हासिल कर अपोलो हॉस्पिटल का नंबर हासिल किया। कॉल करने पर जालसाज ने दस रुपये ऑनलाइन फीस जमा करने की बात कही। एप पर पिन डालते ही उनके खाते से 1,84,995 रुपये निकल गए।
वहीं, गोमतीनगर के विवेकखंड2 निवासी सुधांशु जगदीश श्रीवास्तव का खाता एक्सिस बैंक में है। साइबर जालसाज ने यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से तीन बार में 2,56,580 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए। उधर, राजाजीपुरम निवासी परशुराम विश्वकर्मा की पत्नी लालपती का खाता इंडसइंड बैंक में है। कुछ समय पहले उनके एक कॉल आयी। बैंक की एप अपडेट का झांसा देकर खाते से चार बार में 7,99,996 रुपये निकाल लिए। इसके अलावा पारा स्थित न्यू पारा कॉलोनी निवासी अनुराग का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। साइबर जालसाज ने 13 जुलाई को मोबाइल हैक कर खाते से 98 हजार रुपये गायब कर दिए।