
बहराइच। भारतनेपाल सीमा के रूपईडीहा बॉर्डर पर सशस्त्र सीमा बल और सिविल पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े मोस्ट वांटेड आतंकी और एक अमेरिकी नागरिक सहित दो घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही उन्हें अवैध रूप से भारत में दाखिल कराने में मदद कर रहे तीन स्थानीय सहयोगियों को भी धर दबोचा गया है।
विक्रमजीत सिंह पर अजनाला हिंसा मामले में वांछित होने का आरोप
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार घुसपैठियों में पंजाब का रहने वाला विक्रमजीत सिंह और अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी मनवीर सिंह शामिल हैं। विक्रमजीत सिंह वर्ष 2023 में पंजाब के अजनाला थाने पर हुए हिंसक हमले के मामले में धारा 307 के तहत वांछित चल रहा था और घटना के बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे नेपाल में छिपा हुआ था।
अमेरिकी नागरिक के साथ यात्रा कर रहा था मनवीर सिंह
पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वकीलों द्वारा समर्पण की सलाह दिए जाने के बाद वह पंजाब लौटने की फिराक में था। उसके साथ मौजूद मनवीर सिंह पर भी मामला दर्ज है, जो अपनी अमेरिकी नागरिक पत्नी के साथ यात्रा कर रहा था। पुलिस ने जांच के बाद वैध पासपोर्ट और वीजा होने के कारण मनवीर की पत्नी को छोड़ दिया है।
तीन स्थानीय सहयोगियों की भी गिरफ्तारी
सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र को भनक लगी थी कि आरोपी नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं। इस दौरान स्थानीय मददगारों सुरेश पाठक, दिलीप उपाध्याय और ड्राइवर राहुल कुमार की मदद से फर्जी दस्तावेज दिखाकर घुसपैठ की कोशिश की जा रही थी, जिसे संयुक्त टीम ने नाकाम कर दिया।
पंजाब पुलिस को भेजी गई गिरफ्तारी की सूचना
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विक्रमजीत सिंह की गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना पंजाब पुलिस को भेज दी गई है। फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्तों के नेटवर्क को खंगालने और आगे की विधिक कार्रवाई में पुलिस जुटी हुई है।