रेबीज से भैंस की मौत पर UP से दिल्ली तक मचा हड़कंप, दूध पीने वालों को लगवाना पड़ेगा टीका

रेबीज से भैंस की मौत पर UP से दिल्ली तक मचा हड़कंप, दूध पीने वालों को लगवाना पड़ेगा टीका
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आवारा कुत्ते के काटने से भैंस को रेबीज हो गया और उसकी मौत हो गई. भैंस के संपर्क में आने वाले 8 अन्य जानवर भी बीमार हैं और उन्हें भी रेबीज होने की संभावना है. मामला फैला तो उत्तर प्रदेश से दिल्ली तक हड़कंप मच गया, क्योंकि जिस भैंस की मौत हुई हे, उसका दूध दिल्ली तक सप्लाई होता था. गांववालों में भी अफरा-तफरी मची हुई है, क्योंकि किसान गांव में भी दूध बेचता था. भैंस की मौत से बवाल इसलिए मचा है, क्योंकि भैंस को रेबीज हुआ था तो उसका दूध पीने वालों को रेबीज होने का खतरा है.

डॉक्टरों की एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह

मामला उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खैला गांव का है. डॉक्टरों को मामले की खबर मिली तो उन्होंने बताया कि जानवर को रेबीज होने पर उसके दूध के जरिए रेबीज मानव शरीर तक पहुंच सकता है, इसलिए भैंस का दूध पीने वालों को एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) लगवा लेनी चाहिए, नहीं तो जान को खतरा हो सकता है. मरने वाली भैंस गांव खैला निवासी किसान सिम्भू भाटी की है, जिसके बेटे अजय भाटी ने बताया कि 2 महीने पहले आवारा कुत्ते ने उनकी 2 भैंसों, 2 गायों, एक कटिया, 2 छोटे मवेशियों और 2 बछिया को काटा था.

बुखार होने के बाद अगले ही दिन भैंस की मौत

अजय भाटी ने बताया कि जानवर ने जानवर को काटा है तो यह सोचकर एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई. क्योंकि उन्हें लगा था कि कुत्ते के काटने से रेबीज सिर्फ इंसानों को होता था. लेकिन गत शनिवार भैंस को बुखार हुआ तो डॉक्टर को दिखाया. डॉक्टर ने बताया कि भैंस को रेबीज हुआ है, लक्षण दिखाई दिए है. अगले दिन भैंस की मौत हो गई. करीब डेढ़ लाख रुपये की भैंस थी तो हमारा डेढ़ लाख का नुकसान हो गया. उनके संपर्क में आने वाले 8 अन्य पशु भी बीमार हो गए हैं और उनको भी रेबीज हो सकता है तो और नुकसान होगा.

डर के मारे उपचार करने डॉक्टर आए तक नहीं

अजय भाटी ने बताया कि पशुपालन विभाग को मामले की जानकारी दे दी है, लेकिन पशुओं का उपचार करने के लिए डॉक्टर और कर्मचारी नहीं आए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने बीमार पशुओं को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने को कहा है. पशु चिकित्सक डॉ. राजकुमार वैक्सीन लगवाने के लिए डॉक्टरों को भेजेंगे. खेतीबाड़ी करके और पशुओं का दूध बेचकर परिवार अपना गुजर बसर कर रहा था. लेकिन अब एक और भैंसों की मौत और दूसरी ओर दूध के ग्राहक छूटने से आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं पूरे परिवार को अब भविष्य में गुजर बसर की चिंता सताने लगी है.

ग्रामीण इन अस्पताल में लगवा सकते हैं वैक्सीन

खेकड़ा CHC प्रभारी डॉ. ताहिर अली ने कहा कि जिस किसान की भैंस की मौत हुई है, उसके परिवार ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है. भैंस का दूध खरीदकर पीने वाले लोगों को भी एंटी रेबीज की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए. खेकड़ा CHC, रटौल PHC या बड़ागांव PHC में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं. पूरे गांव के लोगों को खुद को, परिवार के सदस्यों को और पशुओं को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए. रेबीज जानलेवा बीमारी है और इससे बचाव ही एकमात्र उपाय है. अगर आवारा कुत्ते आस-पास हों तो उसने भी बचकर रहना चाहिए.

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