Karnataka News: कर्नाटक के कोलार जिले से साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां ‘वर्कफ्रॉमहोम’ का झांसा देकर और जमा राशि को दोगुना करने का लालच देकर 7 से 8 हजार मासूम लोगों से 50 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है और गिरोह के सरगना पतिपत्नी समेत चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

यह पूरा फर्जीवाड़ा ‘श्री कालिकादेवी एंटरप्राइजेज’ नाम की एक संस्था के जरिए चलाया जा रहा था. कोलार, बेंगलुरु समेत पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी इसकी शाखाएं खोलकर लोगों को जाल में फंसाया गया. गिरफ्तार आरोपियों में भूमि किरण शेट्टी , आरती , राम्या और वेंकटचलपति उर्फ स्वामी शामिल हैं.
कैसे अंजाम दिया जाता था ठगी का खेल?
आरोपी किरण और आरती लोगों को ब्लो टॉर्च, मोमबत्ती और पेपर प्लेट जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पैकिंग का काम घर बैठे देने का वादा करते थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पैकिंग का काम और मोटा कमीशन देने के एवज में ग्राहकों से प्रति व्यक्ति लाखों रुपये का एडवांस डिपॉजिट जमा करवाया जाता था. शुरुआत में कुछ लोगों को भरोसा जीतने के लिए रिफंड या कमीशन दिया गया, लेकिन जैसे ही करोड़ों रुपये जमा हो गए, आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया और दफ्तरों में ताले लगाकर फरार होने लगे. अकेली बूदिकोटे और देब्बनहल्ली शाखा के मैनेजर वेंकटचलपति ने ही 1,121 लोगों से 10.53 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे.
350 से अधिक शिकायतें, पीड़ित परिवारों में हाहाकार
जब ग्राहकों को अपने पैसे वापस नहीं मिले, तो संदिग्ध परिस्थितियों को देखकर वे सड़कों पर उतर आए और पुलिस स्टेशनों का रुख किया. कोलार के गलपेट, बूदिकोट तथा बेंगलुरु के चिक्कजाला, देवनहल्ली और डोड्डाबल्लापुर ग्रामीण थानों में दर्जनों एफआईआर दर्ज की गई हैं. गलपेट थाने में अकेले 350 से ज्यादा पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है, जहां शुरुआती जांच में 6 करोड़ रुपये से अधिक के गबन की पुष्टि हुई है.
पीड़ितों का दर्द
ठगी का शिकार हुए लोगों में ज्यादातर गरीब, सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक, किसान और मजदूर वर्ग के लोग हैं. कइयों ने जमीन बेचकर, गाढ़ी कमाई लगाकर तो कइयों ने बेटियों की शादी के लिए रखे गहने गिरवी रखकर इस कंपनी में पैसे लगाए थे.
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है और उनकी चलअचल संपत्तियों व बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि पीड़ितों की गाढ़ी कमाई की वसूली की जा सके.