Quick Samachar: Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अहमदपुर पावनपुर गांव में 15 वर्षीय नाबालिग से रेप के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. घटना के एक सप्ताह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शहर पश्चिमी से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी. विधायक की इस क्लास के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी मुशर्रफ का ‘हाफ एनकाउंटर’ कर दिया. आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

विधायक की फटकार… और ऑन द स्पॉट एक्शन: प्रयागराज रेप केस के आरोपी का हाफ एनकाउंटर​

दरअसल, 14 जून को नाबालिग से दुष्कर्म और क्रूरता का मामला दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था. इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह पीड़िता के घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों के सामने ही पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई और उन्हें सख्त हिदायत दी.

विधायक ने कहा कि योगी सरकार में अपराधियों और उनके समर्थकों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने पुलिस से कहा कि ऐसी कार्रवाई करें जिससे समाज में एक सख्त संदेश जाए. इस बातचीत का करीब 1 मिनट 23 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक पुलिस अधिकारियों से तीखे सवाल करते दिख रहे हैं.

पुलिस घेराबंदी में आरोपी ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली

विधायक की फटकार के बाद पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया. आरोपी की तलाश में कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं. इसी बीच पुलिस ने आरोपी मुशर्रफ को घेर लिया. खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी.

क्या बोले डीसीपी सिटी?

मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी सिटी मनीष शांडिल्य ने बताया, “आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी. इसी दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई. मुशर्रफ ने पुलिस पर फायर झोंक दिया. पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है. घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.”

फिलहाल, आरोपी पुलिस की कस्टडी में अस्पताल में उपचाराधीन है. पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी और विधिक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ा रही है ताकि आरोपी को अदालत से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके.