
हैदराबाद। वियतनाम में हुए एक दर्दनाक नौका हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के तीन पर्यटकों के पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह स्वदेश वापस लाए गए। मृतकों के शव सुबह करीब 7:30 बजे शमशाबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल पर पहुंचे, जहां से उन्हें राज्य सरकार की विशेष व्यवस्था के तहत अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थानों के लिए रवाना कर दिया गया।
मृतकों की हुई पहचान
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, वियतनाम हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के इन तीन पर्यटकों की पहचान कडप्पा जिला के श्रीधर, मछलीपट्टनम के जयश्री और हिंदूपुर के रवि तेजा के रूप में हुई है। शवों को भारत लाने की सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं मुंबई में पूरी की गईं, जिसके बाद इन्हें हवाई मार्ग से हैदराबाद लाया गया।
सीएम चंद्रबाबू नायडू और मंत्री लोकेश ने की सीधे निगरानी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री एन. लोकेश ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए पार्थिव शरीरों की स्वदेश वापसी की पूरी प्रक्रिया की लगातार स्वयं निगरानी की। उन्होंने भारतीय दूतावास और वियतनाम के उच्च अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर कानूनी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा कराया। हवाई अड्डे पर आंध्र प्रदेश के मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने खुद पहुंचकर पार्थिव शरीरों को प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने हवाई अड्डे पर मौजूद शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता करेगी।
निशुल्क एम्बुलेंस से भेजे गए शव
परिजनों की मदद के लिए ‘आंध्रा प्रदेश नॉनरेजिडेंट तेलुगु सोसायटी’ आगे आई। संस्था द्वारा मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह जनपदों तक सुरक्षित और निशुल्क पहुंचाने के लिए विशेष एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। हवाई अड्डे पर औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शवों को परिजनों को सौंपकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना कर दिया गया।
क्या था पूरा हादसा?
गौरतलब है कि बीते 11 जुलाई को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के निकट एक पर्यटक नौका अचानक समुद्र में पलट गई थी। इस भीषण हादसे में कुल 15 भारतीय पर्यटकों की डूबने से मृत्यु हो गई थी, जिनमें आंध्र प्रदेश के ये तीन पर्यटक भी शामिल थे। हादसे के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और वियतनाम सरकार के बीच बने बेहतर तालमेल के कारण मृतकों के शवों को सम्मानपूर्वक भारत लाकर उनके संबंधित राज्यों में भेजा जा सका है।