Quick Samachar: के खिलाफ अहम मुकाहले में वैभव सूर्यवंशी ने निराश किया और 38 रन के स्कोर पर आउट हो गए। वैभव को इस मैच में कई जीवनदान मिले। एक बार तो उनका कैच तब पकड़ लिया गया जब उन्होंने खाता भी नहीं खोला था, लेकिन तीसरे अंपायर ने ये पाया कि फील्डर ने कैच लेने के बाद गेंद को ग्राउंड पर टच कर दिया और वो बच गए। इसके बाद वैभव को तीन जीवनदान और मिले, लेकिन चार बार बचने के बाद वो पांचवीं बार नहीं बच पाए और शॉर्ट गेंद को खेलने के प्रयास में कैच आउट हुए।

वैभव ने अफगानिस्तान ए के खिलाफ इस मैच में 28 गेंदों पर 2 छक्के और 4 चौकों की मदद से 38 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 135.71 का रहा। वैभव की नजरें जम चुकी थी और वो बड़ा स्कोर कर सकते थे, लेकिन फरीदून दाऊदजई की शॉर्ट गेंद को छक्का मारने के प्रयास में वो कैच आउट हो गए। वैभव ने इससे पहले यानी अफगानिस्तान ए के खिलाफ पहले लीग मैच में 44 रन की पारी खेली थी।

वैभव ने 76 गेंदों पर लगाए सिर्फ 3 छक्के

इस ट्राई सीरीज के पहले 4 मैचों में वैभव का वो अंदाज देखने को नहीं मिला जैसा कि सबको 2026 में मिला था। आईपीएल के इस सीजन में उन्होंने तबाही मचा दी थी और सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप विनर बने थे। आईपीएल में पहली ही गेंद से छक्का लगाने वाले वैभव श्रीलंका की धरती पर छक्के के लिए तरसते नजर आए। 4 मैचों के पहले दो मैचों में तो वो छक्का लगा भी नहीं पाए थे और तीसरे मैच में उनके बल्ले से सिर्फ एक छ्क्का निकला जबकि चौथे मैच में उन्होंने 2 छक्के लगाए। यानी 4 मैचों में वैभव ने कुल 76 गेंदें खेली और सिर्फ 3 छक्के लगाने में ही कामयाब रहे।

वैभव ने 4 मैचों में बनाए 117 रन

वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन इस ट्राई सीरीज के लीग मैचों में ज्यादा अच्छा नहीं रहा और 4 मैचों में उन्होंने कुल 117 रन ही बनाए। वो एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए और उनका बेस्ट स्कोर 44 रन का रहा। इस दौरान उन्होंने 76 गेंदों का सामना किया। इन मैचों में उनका औसत 29.25 का रहा जबकि स्ट्राइक रेट 153.94 का रहा। 4 मैचों में वैभव ने 19 चौके और 3 छक्के भी लगाए।

तिलक वर्मा के पिता थे बिजली मिस्त्री, क्रिकेट किट खरीदने के लिए नहीं थे पैसे; कोच ने बदल दी जिंदगी

तिलक वर्मा ने काफी संघर्ष करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई। साधारण परिवार से आने वाले तिलक की जिंदगी उनके कोच ने बदली और उनकी प्रतिभा को निखारने का काम किया। तिलक वर्मा आज भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं और वो अब भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान भी हैं।