क्या आप कट्टर हिंदू हैं?, क्या जनेऊ पहनते हैं?, शाकाहारी भोजन करते हैं?, भगवान राम में आस्था है?… और भी इसी तरह के कई सवाल…जो अयोध्या के राम मंदिर के CEO पद के उम्मीदवारों से पूछे गए थे. मंगलवार को राम मंदिर परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में 8 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया. इनमें 3 पूर्व IAS अफसर, एक पूर्व IPS अफसर और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे. इस दौरान उम्मीदवारों से धार्मिक मान्यताओं, खानपान से लेकर राम मंदिर को लेकर उनकी सोच से जुड़े कई सवाल पूछे गए.

सूत्रों के मुताबिक राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए CEO के उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ. इस दौरान उनसे अलगअलग तरह के कई सवाल पूछे गए. इनमें उनके धार्मिक कार्यों, खानेपीने संबंधी आदतों और राम मंदिर के लिए उनके नजरिए से जुड़े सवाल शामिल थे. इंटरव्यू सुबह 9 बजे शुरू हुए, पहला सत्र दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चला. प्रत्येक उम्मीदवार का इंटरव्यू लगभग 25 से 30 मिनट तक लिया गया. चयन समिति के साथसाथ ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्णा मोहन भी इंटरव्यू के दौरान उपस्थित थे.
18 लोग शॉर्टलिस्ट
CEO पद के लिए 5200 लोगों ने आवेदन किया था, इनमें से 18 को शॉर्टलिस्ट किया गया. चुने गए 18 उम्मीदवारों से उनके प्रशासनिक अनुभव और राम मंदिर के लिए उनके दृष्टिकोण के अलावा उनकी धार्मिक प्रथाओं, व्यक्तिगत जीवन और खानपान की आदतों के बारे में भी पूछा गया था. इंटरव्यू धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा. इस दौरान उम्मीदवारों से नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक और धार्मिक जुड़ाव, राम मंदिर के प्रति उनके दृष्टिकोण और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी कार्ययोजना और विजन के बारे में भी सवाल किए गए.
उम्मीदवारों से क्या पूछा
इंटरव्यू से पहले सभी उम्मीदवारों को 34 पॉइंट का गूगल फॉर्म भरना था. रिपोर्ट के अनुसार पहले सभी 18 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया था. वहीं मंगलवार को सिर्फ 8 उम्मीदवारों का आमनेसामने इंटरव्यू हुआ. गूगल फॉर्म में ऐसे सवाल पूछे गए थे जैसे ‘क्या आप शिखा रखते हैं, क्या आप जनेऊ पहनते हैं, क्या आप शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी भोजन करते हैं, क्या आप शराब पीते हैं या बिल्कुल नहीं पीते, क्या आप कट्टर हिंदू हैं, क्या आप हिंदू धर्म के अनुसार वस्त्र पहनने में सहज महसूस करेंगे’.
इसके अलावा उम्मीदवारों से पर्सनली और प्रोफेशनली सवाल भी पूछे गए. जैसे ‘आपने कहांकहां काम किया है, आपने कितनी बड़ी भीड़ को संभाला है और भगवान राम में आपकी क्या आस्था है’. वहीं उम्मीदवारों से उनके परिवारों के बारे में भी सवाल किया गया.
सिलेक्शन पैनल में कौन
राम मंदिर के लिए CEO की चयन समिति में पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल हैं. समिति को तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करने और उन्हें ट्रस्ट को 2 सितंबर से पहले सौंपने का काम दिया गया है. उसी दिन ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी. इसके बाद ट्रस्ट अंतिम तीन उम्मीदवारों में से CEO का इंटरव्यू लेकर चुनेंगे.
दान राशि के गबन के आरोपों के सामने आने के बाद CEO की नियुक्ति का फैसला लिया गया था. इन आरोपों के चलते ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की गहन जांच शुरू हो गई है. इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है , जबकि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.
CEO के पद के लिए शर्तें
खबरों के मुताबिक, ट्रस्ट ने यह शर्त रखी है कि चयनित उम्मीदवार एक सच्चा हिंदू होना चाहिए, हिंदू परंपराओं और दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए, पूरी तरह शाकाहारी होना चाहिए और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस पद के लिए आयु सीमा 50 से 70 वर्ष निर्धारित की गई है.