Shravasti And Kanpur Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती और कानपुर में आज बुलडोजर चलाया गया है. श्रावस्ती में सुबहसुबह एक 100 साल की बस्ती को जमींदोज कर दिया. वहीं कानपुर में कानपुर विकास प्राधिकरण ने बुलडोजर से अवैध कब्रिस्तान की जमीन खाली करवाई. श्रावस्ती में मलबे के साथ दबे हैं वो सवाल, जिनका जवाब शायद किसी सरकारी फाइल में नहीं है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जिस सरकार ने 2022 में सिर छुपाने के लिए ‘मुख्यमंत्री आवास’ की चाबी सौंपी थी, उसी सरकार के बुलडोजर ने आज उस छत को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया.

यहां 100 साल पुरानी बस्ती में रह रहे 9 बेबस परिवार को हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में पीले पंजे से जमींदोज कर दिया गया. यहां धूल का उठता गुबार सिर्फ ईंटगारे का नहीं, 9 परिवारों की तीन पीढ़ियों के आशियानों की राख है. मामला श्रावस्ती के थाना इकौना देहात का है, जहां सरकारी तालाब की जमीन को कब्जामुक्त कराने के नाम पर प्रशासन की टीम पांच दिनों से डेरा डाले हुए थीं.
पीले पंजे ने बस्ती को पूरी तरह किया सपाट
पिछले 5 दिनों से थोड़ेथोड़े कर मकान तोड़े जा रहे थे, लेकिन आज सुबह तड़के पीले पंजे ने बस्ती को पूरी तरह सपाट कर दिया. एक महिला ने रोते हुए बताया कि साल 2022 में खुद सरकार ने हमें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर दिया था. तब किसी को नहीं दिखा कि ये तालाब है. आज हमारे हाथ से छत छीन ली. छोटेछोटे बच्चों को लेकर हम कहां जाएं? सरकार ने ही घर दिया और सरकार ने ही उजाड़ दिया.
स्थानीय बाशिंदों का क्या है कहना?
आरोप है कि यहां रहने वाले लोग 100 साल से भी ज्यादा समय से अपने पुरखों की जमीन पर काबिज थे. स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि प्रशासन ने नापजोख के नाम पर उनके साथ खिलवाड़ किया. कभी 26 मीटर का दायरा बताया गया, तो कभी 36 मीटर का लाल निशान लगाकर पूरे के पूरे 9 मकानों को तालाब की जद में घोषित कर दिया गया.
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का साफ रुख है कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के तहत की गई है. सरकारी तालाबों और जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराना कानूनन जरूरी था, जिसके तहत नोटिस देकर पैमाइश पूरी की गई और जमीन खाली करवाई गई. कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के बर्रा 6 इलाके में अवैध कब्रिस्तान पर भी बुलडोजर चलाया गया है. सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप है.
अवैध कब्रिस्तान मेट्रो निर्माण कार्य में बन रहा था बाधा
भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण किया गया है. अवैध कब्रिस्तान मेट्रो निर्माण कार्य में लंबे समय से बाधा बन रहा था. कड़ी सुरक्षा बीच अवैध कब्रिस्तान को खाली कराया गया. KDA ने कब्रिस्तान की जमीन खाली करवाई है. यहां मुस्लिम कब्रिस्तान के नाम पर अतिक्रमण किया गया था. करीब 2,500 से 3,000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई गई है.
अधिकारी के अनुसार, सुनवाई का पूरा अवसर देने और नियमानुसार ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के बाद ही कार्रवाई की गई है. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया था, जहां से उनकी रिट याचिका खारिज कर दी गई थी. स्वेच्छा से हटाने का मौका मिला था. प्रशासन द्वारा महीनों तक मौखिक व लिखित अनुरोध के बाद भी जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब बलपूर्वक कार्रवाई की गई.
सिर्फ ऊपरी ढांचा हटाया गया, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल जमीन के ऊपर बने चबूतरे व टीले हटाए गए हैं, आंतरिक संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. मौके पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है.
अम्मार रिजवी की रिपोर्ट