
लखनऊ, अमृत विचार आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित “प्रगति” कार्यक्रम की समीक्षा की गई और नौ प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। बैठक में व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाने, अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई तथा ऐसे मामलों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही कहा गया कि हर विभाग इसके लिए एक नोडल अधिकारी नामित करें, जो साइबर अपराध मुख्यालय के संपर्क में रहे और साइबर अपराध मुख्यालय से प्राप्त जागरूकता सामग्री को अपनेअपने विभाग में जमीनी स्तर तक पहुंचाने का कार्य करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश राज्य साइबर समन्वय केंद्र की अधिसूचना शीघ्र निर्गत कराई जाए। ईजीरो एफआईआर तंत्र को शीघ्र क्रियाशील किया जाए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा यूपी पुलिस द्वारा राज्यव्यापी आसूचनाआधारित साइबर अभियान “ऑपरेशन साइबर वज्र” को निरंतर सुदृढ़ एवं अधिक प्रभावी बनाया जाए।
इस दौरान पुलिस महानिदेशक बीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराध से संबंधित समस्त इकाइयों के समन्वय के लिए राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश राज्य साइबर समन्वय केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है। इसकी अधिसूचना का प्रारूप तैयार है।
उन्होंने बताया कि एस4सी के आठ में से छह घटक क्रियाशील हो चुके हैं, वहीं शेष दो घटकों की स्थापना की कार्यवाही प्रगति पर है। इस क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति देश में उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की त्वरित और स्थाननिरपेक्ष एफआईआर पंजीकरण के लिए ईजीरो एफआईआर तंत्र विकसित किया जा रहा है।