सिविल कोर्ट को छह जिलेटिन बम से उड़ाने की धमकी

सिविल कोर्ट को छह जिलेटिन बम से उड़ाने की धमकी
सिविल कोर्ट को छह जिलेटिन बम से उड़ाने की धमकी

कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: सिविल कोर्ट को सोमवार दोपहर छह जिलेटिनब म से उड़ाने की धमकी दी गई। यह धमकी हाईकोर्ट लखनऊ पीठ के रजिस्ट्रार की आईडी पर मेल भेजकर दिया गया था। जानकारी होने पर पुलिस ने पूरे परिसर में डॉग और बम स्क्वायड दस्ते की मदद से करीब दो घंटे तक चेकिंग की । कोई भी संदिग्ध वस्तु न मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।

सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी भरा मेल सोमवार दोपहर 12 बजकर 16 मिनट 48 सेकेंड पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के रजिस्ट्रार की अधिकारिक मेल आईडी पर आया। मेल में लिखा था कि जल्द से जल्द सिविल कोर्ट परिसर को खाली करा लें। सिर्फ बिल्डिंग का नुकसान करना है। दोपहर करीब दो बजे छह जिलेटिन बम से विस्फोट किया जाएगा। कोर्ट से सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश कुमार त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ पहुंचे। डाग व बम स्क्वायड दस्ता बुलाया गया। कोर्ट परिसर के सभी कक्षों, पार्किंग व बरामदे में सघन चेकिंग अभियान चला। हैंड हेल्ड डिटेक्टर से फर्नीचर के नीचे चेकिंग की गई। हालांकि कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस और कोर्ट कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी के मुताबिक तलाशी के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। धमकी भरा मेल प्रबाजानी लखनवी की आईडी से आया था। उसके बारे में जांच की जा रही है। साइबर क्राइम सेल को जांच में लगाया गया है। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्टदर्ज कर लिया गया है।

पहले भी मिल चुके हैं धमकी भरे ईमेल
आधिकारिक वेबसाइट पर इससे पहले भी धमकी भरे ईमेल भेजे जा चुके हैं। 13 फरवरी को दोपहर 1:10 बजे जिला जज की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसा ही एक ईमेल आया था। इसके तीन दिन बाद 16 फरवरी को फिर ठीक 1:10 बजे डिस्ट्रिक्ट जज की आधिकारिक वेबसाइट पर धमकी भरा ईमेल भेजा गया। उस मामले में कोर्ट के नाजिर जितेंद्र राय ने ईमेल एड्रेस के आधार पर वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच साइबर क्राइम को सौंपी गई थी, लेकिन करीब साढ़े चार महीने बीतने के बाद भी ईमेल भेजने वालों का सुराग नहीं लग सका है। एडीसीपी धनंजय कुशवाह ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

 

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