
सीतापुर: शहर में सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने मिशन स्कूल परिसर की करीब 37 बीघा नजूल भूमि अपने कब्जे में ले ली। प्रशासन के अनुसार, इस भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है। भविष्य में यहां नगर पालिका परिषद द्वारा वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा, जिससे रेहड़ीपटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
डीएम कोर्ट के आदेश के बाद चला अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जिलाधिकारी न्यायालय ने मिशन स्कूल परिसर की नजूल भूमि का अनुदान निरस्त कर दिया था। आदेश के अनुपालन में पहले विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर 34 पन्नों का नोटिस चस्पा किया गया। निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद प्रशासन ने कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की।
8 जेसीबी के साथ पहुंचा प्रशासनिक अमला
सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडे, एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन और तहसीलदार अजीत जायसवाल की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम आठ जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। अभियान के दौरान परिसर की बाउंड्रीवाल को हटाकर भूमि को सरकारी कब्जे में ले लिया गया।
वेंडिंग जोन बनने से मिलेगा व्यवस्थित व्यापारिक स्थल
एसडीएम सदर ने बताया कि भूमि अब राज्य सरकार के खाते में दर्ज कर दी गई है। नगर पालिका परिषद इस स्थान पर वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना पर काम करेगी, जिससे शहर के फुटपाथ और रेहड़ीपटरी दुकानदारों को एक व्यवस्थित व्यापारिक स्थल उपलब्ध कराया जा सके।
चर्च और विद्यालय भवन पर नहीं हुई कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिसर के भीतर स्थित चर्च और विद्यालय भवन को इस कार्रवाई से अलग रखा गया है। कब्जा हटाने की कार्रवाई केवल अन्य हिस्सों में की गई।