फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में छपी रिसर्च के मुताबिक हद से ज्यादा तीखा खाने से कैंसर का खतरा बढ़ता है. रिसर्च कहती है कि ये आदत हमें इसोफेजियल कैंसर का शिकार बना सकती है. ये फूड पाइप के किसी भी हिस्से में होने वाला कैंसर है और इसका एक बड़ा लक्षण हर समय सीने में जलन रहना है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। भारतीयों की बात करें तो यहां राजस्थान समेत देश के अधिकतर हिस्सों में स्पाइसी फूड खूब खाया जाता है. सीधे शब्दों में कहे तो भारतीय तीखा खाने के बहुत शौकीन होते हैं.

रिसर्च के मुताबिक जिन लोगों को हद से ज्यादा तीखा खाने की आदत होती है उनमें गैस्ट्रो कैंसर जिसमें पेट, कोलन और रेक्टम शामिल है.
खासतौर पर ये इसोफेजियल कैंसर की वजह बन सकता है. कहीं आप भी तो हद से ज्यादा तीखी चीजें खाने के आदी तो नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि रिसर्च क्या कहती है?
रिसर्च में क्या सामने आया?
ये सच है कि चिल्ली पेपर्स यानी मिर्ची में ऐसे कंपाउंड होते हैं जो एंटीइंफ्लामेटरी बेनिफिट्स देते हैं. लेकिन रिसर्च ये भी कहती है कि तीखी चीजों को हद से ज्यादा नहीं खाना चाहिए. इसमें 14 अलगअलग स्टडीज का डेटा शामिल किया गया. स्टडीज में करीब 110000 लोगों को शामिल किया गया. इसमें 5000 ऐसे लोग भी थे जिन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर था.
में इस शोध का जिक्र किया गया है. रिसर्च कहती है कि जो लोग कम मिर्च खाते थे, उनकी तुलना में सबसे ज्यादा मिर्च खाने वाले लोगों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल के कैंसर होने का खतरा लगभग 64% अधिक था.
मिर्च क्यों होती है तीखी?
शोधकर्ता कहते हैं कि इसका कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं है कि ये इस तरह का असर पैदा करती है और इस पर अलगअलग तरीकों से और रिसर्च की जानी चाहिए. दरअसलस, टेकनिकली देखे तो मिर्ची एक फ्रूट है और रोजाना करोड़ों लोग इसका सेवन करते हैं.
मिर्च में तीखेपन का कारण कैप्साइसिन है जो एक तरह का नेचुरल कंपाउंड. ये हीट और पेन को एक्टिव कर देता है. वैसे कई स्टडी में सामने आया है कि ये कंपाउंड शरीर में सूजन को कम करता है.
ट्यूमर की ग्रोथ होती है
कई शोध में ये भी सामने आया है कि ये कंपाउंड टिश्यू में इरिटेशन पैदा करता है और इससे ट्यूमर की ग्रोथ भी हो सकती है. तीखा ज्यादा खाने से कैंसर का खतरा बन सकता है और इसके कई लक्षण भी नजर आते हैं.
सीने में जलन
वेट लॉस
हर समय पेट में दर्द
गले में सूजन
चेस्ट और पीठ में दर्द
इसके अलावा शरीर में सूजन आना, हर समय बीमार फील करना और खराब पाचन जैसे लक्षण भी शरीर में नजर आते हैं. दरअसल, कैप्साइसिन के कारण हमारे शरीर मेंTRPV1 रिसेप्टर्स एक्टिव हो जाता है. ऐसे में मसालेदार खाना खाने के बाद सीने में जलन महसूस होती है.
कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि बहुत अधिक तीखे भोजन का लंबे समय तक बारबार सेवन करने से कुछ लोगों में भोजन नली की अंदरूनी परत में लगातार जलन या सूजन हो सकती है.