
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGAU) के बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर, सेकंड सेमेस्टर की एंटोमोलॉजी परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में पुलिस ने शनिवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में एक प्रोफेसर भी शामिल है, जिसे पुलिस ने इस मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया है. यह पेपर 20 अगस्त को होने वाली परीक्षा से पहले लीक हुआ था.
पुलिस के मुताबिक, मामले के कथित मास्टरमाइंड 38 वर्षीय योगेश सोनकेसरिया दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर हैं और 2019 से वहां काम कर रहे हैं. विश्वविद्यालय की व्यवस्था के तहत प्रोफेसरों को मुख्य कृषि कॉलेज से अपने-अपने संस्थानों तक परीक्षा के प्रश्नपत्र ले जाने और परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने की जिम्मेदारी दी जाती है. इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कथित तौर पर पेपर घर ले जाकर लीक किया गया.
10 Points में समझें पूरा मामला
1. रायपुर पुलिस ने पेपर लीक मामले में प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार सोनकेसरिया इस मामले का कथित मास्टरमाइंड है. मामले में छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5 और 10 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत FIR दर्ज की गई है.
2. पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को यानी परीक्षा से तीन दिन पहले सोनकेसरिया अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए रायपुर के जोरा स्थित एग्रीकल्चर कॉलेज पहुंचा था. उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसने अगले सप्ताह होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लिए, जिनमें एंटोमोलॉजी का पेपर भी शामिल था. लेकिन वापस अपने कॉलेज पहुंचने के बाद उसने एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र कॉलेज प्रशासन को देने के बजाय कथित तौर पर उसे अपने घर ले गया. पुलिस और विश्वविद्यालय अधिकारियों ने इसे सुरक्षा में हुई चूक बताया है.
3. पुलिस के अनुसार, सोनकेसरिया ने इसके बाद एक पतला एंडोस्कोप कैमरा खरीदा. उसने सुई की मदद से सीलबंद लिफाफे में एक छोटा सा छेद किया और एंडोस्कोप कैमरे के जरिए लिफाफे के अंदर दिखाई दे रहे शब्दों को पहचानकर करीब 15 सवालों को कॉपी कर लिया.
4. परीक्षा से एक दिन पहले उसने कथित तौर पर अपने कॉलेज के तीन छात्रों को 11 हजार रुपये में पेपर बेच दिया. इनमें अजय नायक भी शामिल था. पुलिस के अनुसार, नायक ने यह पेपर आगे त्रिदेव पटेल, नितिन पांडे, अनुज मिंज और आदित्य साहू को दिया. ये सभी भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के छात्र हैं.
5. इस मामले में दो और संदिग्धों की तलाश जारी है. पुलिस ने बताया कि वे दोनों फिलहाल फरार हैं और उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.
6. रायपुर के सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस तारकेश्वर पटेल ने बताया कि 36 घंटे तक लगातार फील्ड और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पेपर लीक के स्रोत और आरोपियों की पहचान कर ली. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान दुर्ग के अनुज मिंज का पता लगाया गया और उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजी गई. उसकी पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में आगे की टीमें भेजी गईं.
7. पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल वायर, मोबाइल कनेक्टर, एक सुई, धारदार उपकरण, नोटबुक और चिपकाने वाला पदार्थ बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक, इन सामानों को जांच के दौरान जब्त किया गया है.
8. पेपर लीक की जानकारी परीक्षा वाले दिन सुबह सामने आई. करीब 8:41 बजे कवर्धा के एग्रीकल्चर कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर को एक ईमेल मिला, जिसमें लीक हुए प्रश्नपत्र की जानकारी दी गई थी. इसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पुलिस से संपर्क किया. एंटोमोलॉजी की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक IGAU से जुड़े सभी 28 कृषि कॉलेजों में होनी थी और इसमें करीब 1,200 छात्र शामिल होने वाले थे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पेपर लीक की पुष्टि के बाद परीक्षा उसी शाम रद्द कर दी गई. अब इसकी दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया गया है.
9. पेपर लीक के बाद विश्वविद्यालय ने शनिवार को होने वाली प्रथम वर्ष की परीक्षा के लिए अपनी प्रश्नपत्र व्यवस्था में बदलाव किया. रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक ने बताया कि अब प्रश्नपत्र ईमेल के जरिए भेजा गया और परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले उसे केवल वन-टाइम पासवर्ड यानी OTP के जरिए खोला जा सकता था. उन्होंने कहा कि यह कॉलेज की ओर से हुई चूक है. विश्वविद्यालय पुलिस से सुझाव ले रहा है और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक समिति भी बनाई गई है.
10. रायपुर के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम एंड साइबर) स्मृतिर राजनाला ने बताया कि जांच के लिए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें तैनात की गई थीं. इन टीमों को कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में भेजा गया. पुलिस टीम ने लीक हुए प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, तस्वीरों, मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की है.