
वाशिंगटन। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका में प्रदर्शन किए गए। नीट परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक के प्रति एकजुटता जताते हुए अमेरिका स्थित अधिकार समूह के कार्यकर्ताओं ने न्यूयॉर्क और सैन होजे में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की
जानकारी के अनुसार, ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ के कार्यकर्ता सोमवार शाम न्यूयॉर्क शहर के यूनियन स्क्वायर और सैन होजे में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संगठन ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और डबलिन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर भी इसी तरह के प्रदर्शन किए गए।
सरकार से बातचीत की अपील
संगठन ने कहा कि इन प्रदर्शनों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत के विद्यार्थियों के साथ निष्पक्षता और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। समूह ने भारत सरकार से वांगचुक और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे अन्य लोगों से बातचीत करने की अपील की।
तीन सप्ताह से अधिक समय से भूख हड़ताल पर थे वांगचुक
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक तीन सप्ताह से अधिक समय से भूख हड़ताल पर थे। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उन्हें जंतरमंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। अमेरिका में हुए इन प्रदर्शनों के जरिए प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के लिए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग उठाई।