वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है, जिसने पिछले आठ महीनों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस हफ्ते सोने की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ साप्ताहिक उछाल दर्ज किया गया है, जिससे निवेशकों और बाजार के जानकारों का ध्यान एक बार फिर इस बहुमूल्य धातु की ओर आकर्षित हुआ है। हालांकि इस साल जनवरी के महीने में सोने की कीमतें अपने ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद इसमें कुछ समय के लिए गिरावट का दौर भी देखा गया, लेकिन हालिया तेजी ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर से तेज हो रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले आठ महीनों में किसी भी हफ्ते की सबसे बड़ी साप्ताहिक छलांग है। इसके साथ ही पिछले एक महीने के भीतर सोने की कुल कीमत में 10 फीसदी का बड़ा उछाल आ चुका है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शुक्रवार को वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा, जबकि फ्यूचर गोल्ड कारोबार के दौरान इसकी कीमत 4,400 डॉलर के आंकड़े को पार कर गई थी। 5 जून के बाद से यह सोने का सबसे उच्चतम स्तर है, और इससे पहले के सत्र के दौरान इसमें 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई थी। गौर करने वाली बात यह है कि जनवरी के अंतिम दिनों में सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद आई नरमी के बाद अब यह फिर से अपनी रफ्तार पकड़ रहा है।
सोने की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे कई बड़े आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिका के लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ नेशनल स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में देश में 23,000 नौकरियों की कमी दर्ज की गई है, जबकि बाजार में 85,000 नए पेरोल जोड़े जाने का अनुमान लगाया गया था। उम्मीद से काफी कमजोर आए इस जॉब डेटा के कारण ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं, जिसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना काफी कम हो गई है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने भी निवेशकों के मन से कई आशंकाओं को दूर किया है, जिससे सोने की मांग में एक बार फिर से तीव्र वृद्धि देखने को मिली है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और तेल की कीमतों में नरमी ने मिलकर वैश्विक स्तर पर सोने की चमक को और अधिक मजबूत कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तर्ज पर घरेलू बाजार यानी भारत में भी सोने के दामों में लगातार तेजी बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत में 200 रुपये की और बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद यह 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे पिछले दिन गुरुवार को यह कीमत 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी 5 अक्टूबर की डिलीवरी वाला सोना 165 रुपये की तेजी के साथ 1,51,985 रुपये पर बंद हुआ था। बाजार के अन्य प्रमुख आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 1,090 रुपये की छलांग के साथ 1,52,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,000 रुपये महंगा होकर 1,39,650 रुपये और 18 कैरेट सोना 820 रुपये की तेजी के साथ 1,14,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है।
बाजार के दिग्गज विश्लेषकों और विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की यह चाल आने वाले समय में भी सकारात्मक रह सकती है। जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रेटेजी क्रिस्टोफर वुड और जानेमाने अरबपति हेज फंड मैनेजर जॉन पॉलसन ने अपने बयानों में कहा है कि हालिया समय में कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों के लिए धीरेधीरे सोना जमा करने का एक बेहतरीन मौका उपलब्ध कराया है, और यह इस बहुमूल्य धातु में एक लंबी अवधि के ‘बुल रन’ की शुरुआत हो सकती है। वर्तमान समय में दुनिया भर में बुलियन की मांग का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है और फिएट करेंसी की तुलना में सोना सबसे भरोसेमंद रिजर्व करेंसी के रूप में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। यही प्रमुख वजह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के साथसाथ निजी निवेशकों की तरफ से भी सोने की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जो भविष्य में इसकी कीमतों को और ऊंचे मुकाम पर ले जा सकती है।