
हरदोई: हरदोई रेलवे स्टेशन पर रात के समय अकेले बैठे और रो रहे 13 वर्षीय बच्चे को जीआरपी की सतर्कता से उसके परिवार से मिलवा दिया गया। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत की जा रही गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बच्चे पर पड़ी थी। पूछताछ में पता चला कि वह ट्रेन से गोरखपुर जाते समय किसी तरह अपने परिवार से बिछड़ गया था।
पुलिस अधीक्षक रेलवे, लखनऊ अनुभाग के निर्देशन में 12 अगस्त की रात जीआरपी हरदोई की टीम रेलवे स्टेशन पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर दो पर ओवरब्रिज के पास पुलिसकर्मियों ने एक बच्चे को अकेले बैठे देखा। बच्चा रो रहा था और काफी घबराया हुआ था।
जीआरपी टीम ने बच्चे के पास पहुंचकर उसे शांत कराया और बातचीत के जरिए उसके बारे में जानकारी जुटाई। पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम अजीत कुमार, उम्र करीब 13 वर्ष, पुत्र विजय कुमार बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार के साथ ट्रेन से गोरखपुर जा रहा था। यात्रा के दौरान वह किसी तरह ट्रेन से नीचे उतर गया और परिवार से अलग हो गया।
परिजनों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण बच्चा घबरा गया और हरदोई रेलवे स्टेशन पर रोने लगा। बच्चे से मिली जानकारी के आधार पर जीआरपी ने उसके परिजनों से संपर्क साधा और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद बच्चे के पिता विजय कुमार, सीताराम और मथुरा के साथ जीआरपी थाना हरदोई पहुंचे। थाने में परिजनों ने अजीत कुमार की पहचान अपने बेटे के रूप में की। पुलिस ने नामपता सहित आवश्यक जानकारी का सत्यापन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी की।
इसके बाद अजीत कुमार को उसके पिता विजय कुमार और उनके साथ आए परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और जीआरपी हरदोई की टीम का आभार जताया।
जीआरपी की सतर्कता से परिवार से मिला बच्चा
रात के समय स्टेशन पर अकेले और परेशान बच्चे पर समय रहते जीआरपी की नजर पड़ना पूरे मामले में अहम रहा। पुलिस टीम ने बच्चे को भरोसे में लेकर जानकारी जुटाई और उसके परिजनों से संपर्क कर उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया।