20 साल पुराने अपहरण केस में डॉन बबलू श्रीवास्तव बरी, CBI कोर्ट से मिली क्लीन चिट​

20 साल पुराने अपहरण केस में डॉन बबलू श्रीवास्तव बरी, CBI कोर्ट से मिली क्लीन चिट​

लंबे समय से जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव को करीब 20 साल पुराने अपहरण मामले में बड़ी राहत मिली है. लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत ने पश्चिम बंगाल के एक होटल व्यवसायी के अपहरण की साजिश से जुड़े मामले में बबलू श्रीवास्तव को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. अदालत ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में उसे दोषमुक्त करार दिया.

यह मामला कोलकाता के होटल लिंगटन के मालिक के कथित अपहरण की साजिश से जुड़ा था. बबलू श्रीवास्तव पर आरोप था कि उसने नैनी जेल में बंद रहने के दौरान इस अपहरण की योजना बनाई थी. आरोपों के मुताबिक, जेल में रहते हुए भी वह अपने गिरोह को संचालित कर रहा था और होटल व्यवसायी को अगवा करने की साजिश रची गई थी.

मामले की जांच सीबीआई ने की थी. जांच के बाद बबलू श्रीवास्तव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और मामला अदालत तक पहुंचा. करीब दो दशक तक चले इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए अपनी दलीलें और साक्ष्य पेश किए. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालांकि, अदालत में आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत सामने नहीं आ सके.

अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में किया बरी

लखनऊ की सीबीआई विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया. अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा. इसके बाद अदालत ने बबलू श्रीवास्तव को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया. फैसले के साथ ही करीब 20 साल पुराने अपहरण साजिश प्रकरण में उसे राहत मिल गई.

अन्य मामलों में जेल में बंद है बबलू

बबलू श्रीवास्तव देश के चर्चित अंडरवर्ल्ड सरगनाओं में गिना जाता है. उसके खिलाफ अलगअलग आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं. इस अपहरण मामले में बरी होने के बावजूद उसे जेल से रिहाई नहीं मिली है. वह अन्य आपराधिक मामलों में मिली सजा काट रहा है और फिलहाल उत्तर प्रदेश की बरेली सेंट्रल जेल में बंद है.

इस फैसले का दायरा केवल होटल व्यवसायी के अपहरण की साजिश से जुड़े इस मामले तक सीमित है. अन्य मामलों में उसकी कानूनी स्थिति पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा.

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