2014 से पहले कैसी थी वाराणसी, सोशल मीडिया के जरिए Gen Z को बताएं BJP कार्यकर्ता… UP प्रभारी विनोद तावड़े​

2014 से पहले कैसी थी वाराणसी, सोशल मीडिया के जरिए Gen Z को बताएं BJP कार्यकर्ता… UP प्रभारी विनोद तावड़े​

पेपर लीक से जुड़े मामले पर जंतरमंतर में हुए प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी लगातार युवाओं की बात कर रही है. बीजेपी अपने नेताओं को यह संदेश भी दे रही है कि Gen Z को साथ लेकर चलने की कोशिश की जाए और उनसे लगातार संवाद भी बनाए रखा जाए. उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव से पहले Gen Z को लेकर बीजेपी सक्रिय है. यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने कार्यकर्ताओं को चुनाव अब सोशल मीडिया के जरिए लड़ना होगा, उन्हें सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को यह बताना होगा कि 2014 से पहले वाराणसी कैसी थी.

2014 से पहले कैसी थी वाराणसी, सोशल मीडिया के जरिए Gen Z को बताएं BJP कार्यकर्ता… UP प्रभारी विनोद तावड़े​

बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने आज शुक्रवार को वाराणसी में कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर पार्टी का पक्ष प्रभावी तरीके से रखने का मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर विपक्ष के झूठ, फरेब और अफवाहों का जवाब कार्यकर्ताओं को सत्य और तथ्यों के आधार पर देना चाहिए.

अपनी बात रखने का मंच बन गया सोशल मीडिया तावड़े

तावड़े ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया अब केवल उपस्थिति दर्ज कराने का मंच नहीं, बल्कि जनता से जुड़ने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का बड़ा माध्यम बन गया है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को केवल नैरेटिव का अनुसरण नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर अपना भी नैरेटिव तैयार करना होगा.

कचहरी स्थित कमिश्नरी सभागार में बीजेपी वाराणसी लोकसभा की सोशल मीडिया कार्यशाला में तावड़े ने कहा कि डिजिटल मंचों पर सरकार की उपलब्धियों और काशी में हुए विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आज का समय युवाओं को केवल सुनाने का नहीं, बल्कि उनसे सुनने का भी है.

सोशल मीडिया पर हो बदलाव और विकास की कहानी तावड़े

तावड़े ने कहा, “साल 2000 के बाद पैदा हुई पीढ़ी ने 2014 से पहले की सरकारों के दौर को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसलिए युवाओं को पहले और अब की स्थिति का अंतर तथ्यों के साथ बताना चाहिए.” उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री साझा की जाए जो बदलाव और विकास की कहानी बताती हो.

उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 सालों के सार्वजनिक जीवन तथा काशी में हुए विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया.

इस दौरान राष्ट्रीय सोशल मीडिया विभाग के सदस्य हर्ष चतुर्वेदी ने काशी विकास गाथा पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया. उन्होंने सोशल मीडिया की रणनीति में तीन C— कंटेंट, क्रिएटिविटी और कंटीन्यूटी यानी विषय, रचनात्मकता और निरंतरता— को महत्वपूर्ण बताया.

वाराणसी में 2014 से अब तक 536 प्रोजेक्ट पूरे

उन्होंने कहा कि साल 2014 से अब तक काशी में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 727 परियोजनाओं में से 536 पूरी हो चुकी हैं और 191 निर्माणाधीन हैं. यह आंकड़ा जून 2026 में जिला प्रशासन की ओर से भी जारी किया गया था.

केंद्रीय सोशल मीडिया के विकास पांडेय ने डिजिटल मंचों के बदलते स्वरूप और विभिन्न प्लेटफार्मों की प्रकृति पर जानकारी दी. उन्होंने संगठन की डिजिटल सक्रियता बढ़ाने तथा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की रणनीति बताई.

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