441 रुपये का रिफंड पाने के लिए Google पर ढूंढा कस्टमर केयर का नंबर, लेकिन गंवा बैठी 1 लाख​

441 रुपये का रिफंड पाने के लिए Google पर ढूंढा कस्टमर केयर का नंबर, लेकिन गंवा बैठी 1 लाख​

Karnataka Crime News: ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान रिफंड पाना एक 49 वर्षीय महिला के लिए 1 लाख का घाटा साबित हो गया. बेंगलुरु के होरामावु इलाके की रहने वाली महिला ने ईकॉमर्स साइट पर कपड़े ऑर्डर किए थे. साइज सही न होने पर उन्होंने कपड़े वापस कर दिए और 441 के रिफंड का इंतजार करने लगीं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जब दो हफ्ते तक रिफंड नहीं आया, तो 31 अक्टूबर को उन्होंने इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर ढूंढा और फर्जी नंबर 8893978138 पर कॉल कर बैठीं.

कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को तुषार सिंह बताया और सरिता को रिफंड प्रोसेस करने का झांसा देकर मोबाइल पर एक लिंक भेजा और विवरण दर्ज करने को कहा. लिंक पर क्लिक करते ही महिला की मोबाइल स्क्रीन ब्लैक हो गई. शक होने पर उन्होंने तुरंत फोन बंद कर सिम निकाल ली. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. 31 अक्टूबर को सुबह 11:14 से 11:17 बजे के बीच उनके दो अलगअलग बैंक खातों से 90,000 और 15,000 उड़ चुके थे.

ऐसी ही एक अन्य घटना बेंगलुरु के वसंत नगर में घटी, जहां 56 वर्षीय सौंदर्या ने Blinkit से दही ऑर्डर किया था. पैकेट खराब निकलने पर ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर ढूंढा और WhatsApp पर आए लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से 98,000 गायब हो गए.

ऑनलाइन सर्च करते समय साइबर ठगी से बचने के जरूरी टिप्स

गूगल पर दिखने वाले हेल्पलाइन नंबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें: साइबर अपराधी अक्सर सर्च इंजन पर अपने फर्जी नंबर ‘SEO’ या स्पॉन्सर्ड विज्ञापनों के जरिए ऊपर रैंक करा देते हैं

हमेशा ऑफिशियल ऐप/वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें: रिफंड या शिकायत दर्ज कराने के लिए केवल आधिकारिक ऐप के Help Center / Contact Us सेक्शन में जाएं.

किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: कस्टमर केयर अधिकारी कभी भी रिफंड देने के लिए आपको किसी लिंक, स्क्रीनशेयरिंग ऐप या OTP शेयर करने को नहीं कहते.

रिफंड के लिए PIN या पैसे ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं होती: याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN की आवश्यकता कभी नहीं होती.

अगर साइबर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें?

नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं .

पर शिकायत दर्ज करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं.

बैंक को तुरंत सूचित करें: अपने संबंधित बैंक को तुरंत सूचित कर अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड और UPI नेट बैंकिंग सुविधाओं को ब्लॉक करवाएं.

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