9 राज्यों की खाक छानी, 2500 CCTV खंगाले… फिर बुआ के बेटे ने कैसे पहुंचाया जेल? कहानी पूर्व IAS के कातिल वरुण की​

9 राज्यों की खाक छानी, 2500 CCTV खंगाले… फिर बुआ के बेटे ने कैसे पहुंचाया जेल? कहानी पूर्व IAS के कातिल वरुण की​

Bhopal News: भोपाल के रातीबड़ स्थित सूरज नगर में 2930 सितंबर की दरम्यानी रात हुए पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. एक महीने तक पुलिस को छकाने के बाद आरोपी केयरटेकर वरुण बाल्मीकि को आखिरकार आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया है. पकड़े जाते ही आरोपी ने पुलिस से पहला सवाल पूछा “घर में धमाका हुआ या नहीं?” दरअसल, उसने हत्या के बाद घर में दो गैस सिलेंडर चालू कर दिए थे और कपड़ों पर जलती प्रेस रख दी थी ताकि पूरे घर में ब्लास्ट हो जाए और सारे सबूत जलकर खाक हो जाएं.

भोपाल लाते समय आरोपी ने पुलिस की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसकी पिंडली में गोली लगी है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पूर्व IAS राकेश अग्रवाल की निर्मम हत्या के बाद आरोपी वरुण बाल्मीकि बेहद शातिराना अंदाज में फरार हो गया था. भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मार्गदर्शन में गठित एसआईटी , रातीबड़, शाहपुरा, ऐशबाग थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने देशव्यापी सर्च ऑपरेशन चलाया.

9 राज्यों का चप्पाचप्पा छाना, 2,500 से अधिक CCTV खंगाले

पुलिस ने आरोपी का सुराग जुटाने के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक और चंडीगढ़ सहित 9 राज्यों में 2500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, धर्मशालाओं और रैन बसेरों पर लगातार पैनी नजर रखी गई.

वेश बदलकर घूमती रही पुलिस, 100 रिश्तेदारों से पूछताछ

पुलिस की अलगअलग टीमों ने ग्वालियर, आगरा, मथुरा और वृंदावन में साधु व भिक्षुक का वेश बदलकर रेलवे स्टेशनों और मंदिरों के आसपास भेष बदलकर निगरानी की. इस दौरान आरोपी के 100 से अधिक संदिग्धों, परिचितों और रिश्तेदारों से गहन पूछताछ की गई.

बुआ के बेटे से मिला सटीक सुराग

आगरा में छानबीन के दौरान आरोपी की बुआ के बेटे ने पुलिस को उसके शहर में छिपे होने की गुप्त सूचना दी. जानकारी मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई. सोमवार शाम करीब 7 बजे भोपाल पुलिस की स्पेशल टीम ने आगरामथुरा हाईवे पर स्थित रुनकता चौराहे के पास घेराबंदी कर वरुण को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने खुलासा किया कि पहचान छिपाने के लिए आरोपी पिछले 15 दिनों से पास की एक बस्ती में पन्नी बीनने वाले का काम कर रहा था और वहीं रह रहा था.

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फरारी के दौरान क्याक्या किया शातिर आरोपी ने?

आरोपी ने 18 अगस्त को ही अपना मोबाइल बेच दिया था. फरारी के दौरान उसने 5 मोबाइल फोन बदले और गायब किए. पूर्व IAS का मोबाइल उसने वृंदावन में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को थमा दिया था. आरोपी ब्रेकअप के बाद अपनी गर्लफ्रेंड से बुरी तरह नाराज था. वह दूसरों के फोन से अपनी गर्लफ्रेंड को इंस्टाग्राम पर गालियां पोस्ट कर रहा था और उसकी हत्या करने के मकसद से ही आगरामथुरा के आसपास मंडरा रहा था. पूर्व IAS के घर से लूटे गए 2324 अमेरिकी डॉलर को उसने ग्वालियर में भारतीय रुपयों में एक्सचेंज कराया और फरारी का खर्च चलाता रहा.

भोपाल लाते समय एनकाउंटर: पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश में लगी गोली

मंगलवार तड़के करीब 5 बजे जब पुलिस टीम आरोपी को शताब्दी एक्सप्रेस और सड़क मार्ग के जरिए भोपाल ला रही थी, तब मुरैना छाप के पास टॉयलेट के बहाने गाड़ी रुकवाई गई. इस दौरान आरोपी वरुण ने SI रमेश सिंह की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया. पुलिस की चेतावनी के बावजूद जब वह नहीं रुका, तो SI ने उस पर गोली चला दी, जो उसकी दाईं पिंडली में जा लगी. इलाज के लिए उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कल्याण कोर्ट और स्थानीय अदालत ने आरोपी को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है. उस पर पुलिस महानिदेशक की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था.

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