पृथ्वी 2.0 का इंतजार खत्म? ब्रह्मांड के इस कोने में है पानी, जानिए इस नए रहस्यमयी ग्रह का सच

पृथ्वी 2.0 का इंतजार खत्म? ब्रह्मांड के इस कोने में है पानी, जानिए इस नए रहस्यमयी ग्रह का सच

Earth Like Exoplanet: क्या ब्रह्मांड में हम अकेले हैं? इस सवाल का जवाब खोजने में वैज्ञानिक सालों से जुटे हैं. हाल ही में खगोलविदों के हाथ एक ऐसी कामयाबी लगी है जो हमें एलियन लाइफ की खोज के बेहद करीब ले जा सकती है. वैज्ञानिकों ने हमारी पृथ्वी से 49 प्रकाश वर्ष दूर एक ऐसे ग्रह पर वायुमंडल की मौजूदगी का पता लगाया है जहां पानी मौजूद होने की पूरी संभावना है.

पृथ्वी 2.0 का इंतजार खत्म? ब्रह्मांड के इस कोने में है पानी, जानिए इस नए रहस्यमयी ग्रह का सच

द गार्जियन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने सौर मंडल के बाहर LHS 1140b नाम के एक पथरीले ग्रह के चारों ओर वायुमंडल खोज निकाला है. वैसे तो गैस से भरे बड़े ग्रहों के आसपास पहले भी वायुमंडल पाए गए हैं. लेकिन किसी पथरीले ग्रह जहां जीवन संभव हो उस पर वायुमंडल मिलना अपने आप में पहली घटना है. यह ग्रह हमारी पृथ्वी से लगभग 49 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है.

LHS 1140b पृथ्वी से कितना अलग है?

यह ग्रह हमारी पृथ्वी की तुलना में काफी बड़ा है. इसका वजन पृथ्वी से करीब 5.6 गुना ज्यादा है और इसका आकार भी 70% बड़ा है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. कॉलिन चेरूबिम के अनुसार यह ग्रह कई मायनों में पृथ्वी जैसा है. इसका तापमान और बनावट पृथ्वी से मेल खाती है. हालांकि इस पर पानी की मात्रा पृथ्वी से काफी ज्यादा हो सकती है.

पानी और जीवन की कितनी उम्मीद?

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ग्रह अपने तारे के ‘हैबिटेबल जोन’ में आता है. हैबिटेबल जोन अंतरिक्ष का वह इलाका होता है जहां न तो बहुत ज्यादा गर्मी होती है और न ही बहुत ज्यादा ठंड. इस वजह से ग्रह की सतह पर पानी तरल रूप में टिक सकता है. LHS 1140b पर मिला वायुमंडल पानी को अंतरिक्ष में उड़ने से रोकता है और खतरनाक किरणों से सुरक्षा भी देता है.

किस तारे का चक्कर लगाता है यह ग्रह?

LHS 1140b ग्रह ‘सिटस’ नाम के तारामंडल में मौजूद एक छोटे लाल बौने तारे का चक्कर लगाता है. यह तारा हमारे सूर्य से छोटा और धुंधला है. अच्छी बात यह है कि यह तारा काफी शांत है. इसमें बहुत ज्यादा खतरनाक सौर तूफान नहीं उठते हैं जिससे इस ग्रह पर माहौल शांत और स्थिर बना रहता है.

एस्ट्रोबायोलॉजी के लिए क्यों है यह खास?

इस रिसर्च के मुख्य लेखक डॉ. चेरूबिम का कहना है कि यह खोज खगोलशास्त्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है. अब तक वैज्ञानिक सिर्फ गैस वाले बड़े ग्रहों का ही अध्ययन कर पाते थे. लेकिन LHS 1140b मिलने के बाद अब हमारे पास एक ऐसा असली लैब मौजूद है जहां हम सौर मंडल से बाहर जीवन और वायुमंडल के बने रहने की संभावनाओं को गहराई से समझ सकते हैं.

यह ग्रह साल 2017 में पहली बार देखा गया था. लेकिन अब जाकर इसके वायुमंडल की पुष्टि हो पाई है. वैज्ञानिक अब जेम्स वेब टेलिस्कोप जैसे आधुनिक उपकरणों से इस ग्रह पर और शोध करेंगे. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इससे यह साफ हो पाएगा कि वहां मौजूद पानी बर्फ के रूप में है या महासागरों के रूप में बह रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *