पिंपल्स से बिगड़े पाचन तक… खतरनाक स्ट्रेस के ये संकेत बिल्कुल न करें नजरअंदाज

पिंपल्स से बिगड़े पाचन तक… खतरनाक स्ट्रेस के ये संकेत बिल्कुल न करें नजरअंदाज

क्या आप जानते हैं कि अगर हमारा स्ट्रेस लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंचने लगे तो शरीर कई संकेत भी देता है. इन्हें नजरअंदाज करने की भूल नहीं करनी चाहिए. धीरेधीरे कंडीशन डिप्रेशन और फिर इससे भी ज्यादा खराब होने लगती है. जानें इन संकेतों के बारे में…

पिंपल्स से बिगड़े पाचन तक… खतरनाक स्ट्रेस के ये संकेत बिल्कुल न करें नजरअंदाज

तनाव होने पर क्या होता है मेंटल स्ट्रेस की वजह से शरीर में एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल नाम के हार्मोन निकलते हैं. ये बॉडी में फाइट की प्रतिक्रिया को एक्टिव कर देते हैं. कभीकभी शरीर जल्दी संकेत देता है जिसमें हथेलियों में पसीना, हार्ट रेट का तेल होना और अचानक पेट खराब होने लगता है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वैसे स्ट्रेस का लेवल जब खतरनाक होने लगता है तो शरीर कई संकेत देता है.. जानें…

पेट की दिक्कत स्ट्रेस अगर लंबे समय तक बना रहे तो पेट में दर्द, गैस, कब्ज या हर समय ब्लोटिंग रहती है. स्ट्रेस से निकलने वाला कॉर्टिसोल हार्मन डाइजेशन को रोकने लगता है. अगर इसे कंट्रोल न किया जाए तो हालात इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के भी बन जाते हैं. अक्सर पेट की दिक्कतें रहती हैं तो गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से भी पेट या दूसरे अंगों की हेल्थ चेक करवाएं.

बालों का गिरना हर समय स्ट्रेस में रहने के कारण बालों की नेचुरल ग्रोथ की साइकिल बिगड़ जाती है. इस वजह से बाल तेजी से झड़ने या पतले होने लगते हैं. हालात ज्यादा बिगड़ जाए तो बालों का गुच्छा तक हाथों में आने लगता है. बहुत लंबे समय से तनाव है तब ये समस्या होने लगती है.

मैरिड लाइफ पर असर स्ट्रेस में रहने से हमारा हार्मोनल बैलेंस बिगड़ जाता है. मेंटल स्ट्रेस, हर समय थकान, पेट की समस्याओं के कारण पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे स्पर्म की क्वालिटी और मात्रा दोनों का लेवल बिगड़ने लगता है.

पिंपल्स का निकलना स्ट्रेस की वजह से हमारी मेंटल और फिजिकल हेल्थ ही नहीं स्किन पर भी बुरा असर पड़ता है. कार्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ने से स्किन में सीबम प्रोडक्शन ज्यादा होता है. ऑयली होने से, धूलमिट्टी और गंदगी से पोर्स बंद होते हैं जिससे पिंपल्स बनने या निकलने लगते हैं.

हार्ट रेट का तेज होना एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबे समय से तनाव है तो ऐसे में हार्ट रेट का तेज होना, ब्लड शुगर का बढ़ना और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ सकता है. हार्ट रेट तेज होता है और ब्लड प्रेशर भी नॉर्मल से ऊपर रहने लगता है. अगर बीपी से जुड़ी समस्या लंबे समय तक रहे तो आप हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन का शिकार बन सकते हैं. हाई बीपी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है.

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