
बरेली, अमृत विचार। हजारों लोगों के आवागमन में बाधा बनी सुभाषनगर पुलिया पर अब जल्द अंडरपास बनने की उम्मीद जगी है। लोक निर्माण विभाग ने इसे प्रथम प्राथमिकता सूची में शामिल करते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा है। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल भी शासन स्तर पर इसके लिए तेजी से प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राज्य इसके लिए रेलवे को जल्द ही बजट जारी करेगा। जीएसटी सहित परियोजना की लागत करीब 64 करोड़ रुपये होगी। बजट मिलते ही निर्माण शुरू होगा।
अफसरों के अनुसार, सुभाषनगर अंडरपास को जिले की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल किया गया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल इसे लेकर लगातार मांग उठा रहे हैं। विधायक ने रेलवे, पीडब्ल्यूडी और बीडीए अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण भी किया था। उस समय रेलवे ने निर्माण की सहमति देते हुए स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार से बजट मिलने पर ही काम शुरू होगा। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी ने इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी। प्रांतीय खंड के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और इसे प्रथम वरीयता में रखा गया है। स्वीकृति मिलते ही रेलवे निर्माण शुरू करेगा।
तपेश्वरनाथ मंदिर की राह होगी आसान
सुभाषनगर पुलिया के नीचे हल्की सी बारिश होते ही भारी जलभराव हो जाता है, जिससे हजारों राहगीरों और स्थानीय निवासियों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है। अंडरपास बनने से न केवल इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होगा, बल्कि प्रसिद्ध तपेश्वरनाथ मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय जनता को भी जाम से बड़ी राहत मिलेगी।