UP Cabinet Decision: भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध को मिलेगा बढ़ावा, विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ और महाविद्यालयों को 1 करोड़ तक का अनुदान

UP Cabinet Decision: भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध को मिलेगा बढ़ावा, विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ और महाविद्यालयों को 1 करोड़ तक का अनुदान
UP Cabinet Decision: भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध को मिलेगा बढ़ावा, विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ और महाविद्यालयों को 1 करोड़ तक का अनुदान

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और शोध को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों और पात्र अनुदानित महाविद्यालयों में ‘शोध पीठ’ स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस योजना के तहत विश्वविद्यालयों को अधिकतम 2 करोड़ रुपये और पात्र महाविद्यालयों को 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इस राशि को सावधि जमा के रूप में रखा जाएगा और उससे मिलने वाले ब्याज से शोध पीठ का संचालन किया जाएगा। यदि संस्थान चाहें तो अपने स्तर पर भी अतिरिक्त संसाधन जुटाकर इस कोष को बढ़ा सकेंगे।

भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न विषयों पर होगा शोध

योजना के तहत विश्वविद्यालय और महाविद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार आर्यभट्ट, चाणक्य, वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोलशास्त्र, व्याकरण और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े अन्य विषयों पर शोध पीठ स्थापित कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य इन विषयों पर अकादमिक शोध को प्रोत्साहित करना और भारतीय बौद्धिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

अब महाविद्यालयों को भी मिलेगा लाभ

मंत्री ने बताया कि अब तक इस तरह की सुविधा मुख्य रूप से विश्वविद्यालयों तक सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत 50 वर्ष या उससे अधिक पुराने तथा 5,000 से अधिक छात्र संख्या वाले पात्र महाविद्यालय भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय में बनेगा नया छात्रावास

कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। वाराणसी स्थित बसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट में त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 2.48 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना से 112 छात्राओं को अतिरिक्त आवासीय सुविधा मिलेगी। वर्तमान में छात्रावास की सीमित क्षमता के कारण दूरदराज से आने वाली छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *