
नई दिल्ली: NEET परीक्षा विवाद को लेकर विपक्ष द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी तरह राजनीतिक कारणों से उठाई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले में सरकार ने शुरुआत से ही कार्रवाई की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रारंभिक स्तर पर इस मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए जांच और सुधारात्मक कदमों की प्रक्रिया शुरू कराई थी। सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।
13 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। सरकार का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
संसद में चर्चा के लिए तैयार सरकार
सूत्रों का कहना है कि सरकार इस पूरे मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का यह भी कहना है कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है और राजनीतिक आरोपों से अलग हटकर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सार्वजनिक रूप से NEET पेपर लीक को “घोर पाप” करार दे चुके हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं।