Bareilly News : फिजिक्स के प्रोफेसर ने लिख डाली ”काव्य भौतिकी”

Bareilly News : फिजिक्स के प्रोफेसर ने लिख डाली ”काव्य भौतिकी”
Bareilly News : फिजिक्स के प्रोफेसर ने लिख डाली ”काव्य भौतिकी”

मोनिस खान, बरेली, अमृत विचार। कल्पनाओं और यथार्थ को शब्दों में पिरोना कवि का स्वभाव है, मगर भौतिकी का कोई शिक्षक कवि के रूप में अपना विषय अभिव्यक्त करे तब बात विशेष हो जाती है। बरेली कॉलेज में भौतिक विज्ञान विभाग के प्रभारी प्रोफेसर वीपी सिंह ने जब कविता लिखने के लिए कलम उठाया तो काव्य भौतिकी ही लिख डाली। मसलन इंद्रधनुष बनने के पीछे का भौतिक विज्ञान वह कुछ इस तरह समझाते हैं…श्वेत प्रकाश है सतरंगी, स्पेक्ट्रम उसमें दिखता है। प्रिज्म से पास करें उसको स्पेक्ट्रम तब बन जाता है। पुस्तक में 98 कविताएं लिखीं।

अपनी कविताओं में उन्होंने भौतिकी के तमाम नियमों और प्राकृतिक घटनाओं को विद्यार्थियों और आम लोगों को आसानी से समझ आने वाले काव्य में बदल दिया। काव्य भौतिकी में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण क्यों पड़ते हैं, प्रकाश के परावर्तन और अपवर्तन के नियम, कांपटन प्रभाव, प्रकाश विद्युत प्रभाव, न्यूटन के गति के नियम, कृत्रिम उपग्रह मोड़ों पर सड़क की बनावट, विद्युत विभव, ट्रांसफार्मर, संधारित्र का आवेशित होना, मैक्सवेल के समीकरण, अर्ध्दचालक, अल्फा, बीटा कणों का उत्सर्जन, नाभिकीय बल, बंधन ऊर्जा, मैजिक संख्याएं, परमाणु का रदरफोर्ड मॉडल, हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत को कविता में ऐसा पिरोया कि छोटा बच्चा भी पूरी रुचि के साथ इन नियमों और सिद्धांतों को समझ सकता है। प्रोफेसर वीपी सिंह को कविता लिखने का शौक कोविड काल में लगा। उन्होंने महज भौतिक काव्य नहीं लिखा, बल्कि खुदको एक सजलकार के रुप में स्थापित भी किया। सजल शैली में काव्य संग्रह की उनकी चार किताबें एक कदम और, सत्यम शिवम सुंदरम, कृष्ण नहीं आने वाले, तुमको कौन बचाएगा प्रकाशित हो चुकी हैं।

करंट अफेयर्स का काव्यात्मक वर्जन वीपी सिंह की रचनाएं
प्रोफेसर वीपी सिंह की कविताओं को पढ़ना शुरू किया जाए तो लगता है कि आप करंट अफेयर्स का काव्यात्मक वर्जन पढ़ रहे हैं। दरअसल उनकी ज्यादातर कविताएं देश दुनिया की घटनाओं और राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित हैं। फिर चाहें बंगाल का अभया रेपकांड हो या फिर पहलगाम आतंकी हमला या उसके जवाब में चला भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ऐसी दर्जनों घटनाओं पर अपने विचारों को काव्य की शक्ल दी। प्रोफेसर वीपी सिंह बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने ज्वलंत मुद्दों और घटनाओं को लेकर जब लिखना शुरु किया तब सोशल मीडिया पर कविताएं खूब वायरल हुईं। इसके बाद उन्होंने कविताएं नियमित रूप से लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने ही उन्हें किताबें प्रकाशित करने को प्रेरित किया। इसके बाद कविताओं को पुस्तकों के रूप में प्रकाशित करने का फैसला लिया।

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