मुझे घसीटने वाले पुलिसकर्मी भी मेरे में कान कह रहे थे, इस सरकार को हटाइए… केंद्र पर बरसे राहुल गांधी

मुझे घसीटने वाले पुलिसकर्मी भी मेरे में कान कह रहे थे, इस सरकार को हटाइए… केंद्र पर बरसे राहुल गांधी

Rahul Gandhi News: 21 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे को लेकर पीएम आवास के पास धरना दिया. इसके अगले दिन यानी बुधवार को राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों की ओर से छात्रों पर किए गए लाठी चार्ज का मुद्दा उठाया. वहीं, राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं.

मुझे घसीटने वाले पुलिसकर्मी भी मेरे में कान कह रहे थे, इस सरकार को हटाइए… केंद्र पर बरसे राहुल गांधी

दरअसल, राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और सुधार के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने दिल्ली में पीएम आवास के पास धरना दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धरमेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था.

राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना
राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सवाल यह है कि हमारे छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? आखिर हमारे छात्रों ने क्या किया है? सुरक्षा बल उन पर हथियार ताने खड़े हैं. उन्होंने क्या गलत किया है? वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, अपनी मांगें रख रहे हैं, और वे वही मांग रहे हैं जो यह देश उन्हें देने का हकदार है.

उन्होंने आगे कहा कि वे बस यही कह रहे हैं कि देश के छात्र होने के नाते, हम एक ऐसे शिक्षा प्रणाली के हकदार हैं जो निष्पक्ष हो. बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली है. हमारे छात्र बहुत ज़्यादा तनाव से गुज़रते हैं और आखिर में उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है.

राहुल गांधी ने रखी तीन मांगें
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं, जिसमें पहला धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो और उन्हें पद से हटाया जाए.

दूसरी मांग यह है कि जिन लोगों ने हमारे छात्रों पर उंगली उठाई, उन सभी को जवाबदेह ठहराया जाए. तीसरी मांग है कि जो व्यक्ति इस पूरे सिस्टम को चला रहा है, उसमें इतनी शालीनता होनी चाहिए कि वह जो कुछ हुआ है. उसके लिए छात्रों से माफी मांगे.

देश का एजुकेशन सिस्टम गड़बड़ हुआ: राहुल गांधी
एक बात जो सभी को साफ पता है, वह यह है कि हमारा एजुकेशन सिस्टम, जिसे दुनिया के सबसे अच्छे एजुकेशन सिस्टम में से एक माना जाता था. आज एक धांधली वाला सिस्टम बन गया है. हम यह जानते हैं कि पिछले दशक में 152 बार पेपर लीक हुए हैं. अगर आप हिसाब लगाएं, तो लगभग हर महीने एक पेपर लीक हुआ है. हर महीने, लाखों छात्रों से कहा जाता है कि जिस तनाव से वे गुज़रे हैं, उससे उन्हें फिर से गुज़रना होगा.

राहुल गांधी ने दावा किया कि अलगअलग पेपर लीक के कारण 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं. ये मिडिल क्लास और गरीब परिवार हैं. वे अपनी मेहनत की कमाई इसमें लगाते हैं और फिर उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता है और सबसे बड़ी बात यह है कि किसी को भी सजा नहीं हुई है. पिछले 10 सालों में 152 बार पेपर लीक हुए हैं और सजा किसी को नहीं मिली. तो कोई व्यक्ति या लोगों का समूह हमारे एजुकेशन सिस्टम को, जो भारत की सबसे कीमती संपत्ति है बर्बाद कर रहा है और हमारे छात्रों की जिंदगी खराब कर रहा है. सरकार क्या करती है? सजा किसी को नहीं.

मेरी नाक से खून निकला: राहुल गांधी
एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि जिस दौरान पुलिस ने मुझे डिटेन किया उस वक्त मेरे नाक से खून निकल रहा था. उन्होंने दावा किया कि वह छात्रों के लिए और देश के लिए इतना सहने को तैयार हैं.

पुलिस वाले ने कहा सरकार हटाइये
जब राहुल गांधी से पत्रकारों ने पूछा कि जब पुलिस वालों ने आपको डिटेन किया, उस वक्त क्या स्थिति थी और पुलिस के लोगों से क्या बात हुई. इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस वाले ने उनके कान में कहा कि इस सरकार को हटाइये. राहुल गांधी ने कि एक पुलिस वाला हरियाणा था, जिसने कहा कि सरकार को हटाइये.

सिस्टम को बदलने की जरूरत: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि बात सिर्फ इतनी नहीं है कि सिस्टम में गड़बड़ी है, बल्कि यह सिस्टम इतना महंगा है कि इसे उठा पाना मुश्किल है. यह एक ऐसा आंकड़ा है जिसके बारे में हर युवा जानता है, लेकिन भारत सरकार को शायद इसकी जानकारी नहीं है. एक परीक्षा पर परिवारों का उतना ही खर्च होता है जितना हमारे पूरे शिक्षा बजट का है. भारत सरकार सभी टैक्स इकट्ठा करने के बाद हमारे बच्चों के भविष्य पर पैसा खर्च करती है. वह पैसा शिक्षा बजट में जाता है, जो 1.4 लाख करोड़ रुपये है.

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, हर साल NEET परीक्षा देने वाले परिवार भी लगभग इतनी ही रकम यानी 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं. यह उन परिवारों के साथ सरासर लूट है, और कुछ नहीं. और फिर, जब आप उनसे यह पैसा वसूल लेते हैं, तो आप उन्हें बताते हैं कि पेपर लीक हो गया है और सिस्टम में गड़बड़ी है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। तो, यही वह दूसरी और जायज़ वजह है जिसकी वजह से हमारे युवा सड़कों पर हैं.

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