
लखनऊ/आजमगढ़, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और पिछले कई महीनों से लखनऊ के मेदांता अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में उनका उपचार चल रहा था।
उनके निधन की खबर से समाजवादी पार्टी और पूरे पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार, अप्रैल में तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद मई, जून और जुलाई के दौरान भी उनका इलाज जारी रहा, लेकिन बुधवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
1996 में पहली बार बने थे विधायक
आलमबदी आजमी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1953 में इस्लामिया कॉलेज, गोरखपुर से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बाद 1956 में गोरखपुर के तकनीकी संस्थान से इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया।
उन्होंने वर्ष 1996 में पहली बार निजामाबाद विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद वह लगातार क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और कुल पांच बार विधायक निर्वाचित हुए। सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदार छवि और जनसरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण क्षेत्र में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।
अखिलेश ने कहा समाजवादी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आलमबदी आजमी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं निजामाबाद से लोकप्रिय विधायक जनाब आलमबदी साहब का इंतकाल अत्यंत दुखद है।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। अखिलेश यादव ने कहा कि आलमबदी आजमी का निधन समाजवादी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
सपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
आलमबदी आजमी के निधन पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। असमोली से सपा विधायक पिंकी यादव ने कहा कि आलमबदी आजमी का पूरा जीवन समाजवादी विचारधारा, जनसेवा और सामाजिक सौहार्द के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनका निधन पार्टी और प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है।