NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के बीच छात्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, नीट रीएग्जाम में 552 की जगह मिले सिर्फ 95 अंक

NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के बीच छात्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, नीट रीएग्जाम में 552 की जगह मिले सिर्फ 95 अंक

NEET 2026 ReExam Result Dispute: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और सरकार पहले ही नीट पेपर लीक के कारण विवादों में घिरी हुई है और देशभर में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के अलावा विभिन्न राज्यों में छात्रों का अलगअलग तरह से विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. नीट एग्जाम से संबंधित समस्याएं लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. दिल्ली के जंतर मंतर में अलगअलग राज्य से छात्र आ रहे हैं और प्रदर्शन का हिस्सा बन रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ नीट यूजी रीएग्जाम रिजल्ट 2026 की गड़बड़ी को लेकर भी मामला सामने आ रहा है.

NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट के बीच छात्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, नीट रीएग्जाम में 552 की जगह मिले सिर्फ 95 अंक

दो छात्रों ने रीनीट रिजल्ट की गड़बड़ी को लेकर आरोप लगाया है. मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के छात्रों की ओर से दावा किया गया है कि उन्हें रीनीट परीक्षा में अधिक अंक मिलते लेकिन रिजल्ट में कम नंबर दिए गए हैं. दोनों राज्यों के छात्र अब अपनी शिकायत लिए हाई कोर्ट पहुंच चुके हैं, जहां इस मामले की सुनवाई की जाएगी.

अंकों की कैलकुलेशन में गड़बड़ी
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के दो छात्र जिन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट रीएग्जाम दिया था उनका आरोप है कि एनटीए द्वारा दिए गए अंक और उनके द्वारा कैलकुलेट किए गए मार्क्स में काफी अंतर है. ऐसे में छात्र ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अब इन मामलों की सुनवाई कोर्ट में की जाएगी.

रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप
महाराष्ट्र के एक छात्र ने आरोप लगाया कि एनटीए ने उसे 552 अंक की जगह सिर्फ 95 नंबर दिए हैं. बीड जिले के छात्र सोहम नितिन गावटे ने इसे लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बताया कि जब उसने अपनी OMR शीट और आधिकारिक आंसर की के जरिए अंकों की गणना की थी तो 522 अंक बन रहे थे, मगर रिजल्ट में सिर्फ 95 अंक दिए गए हैं. छात्र ने कोर्ट से कहा कि 21 जून को हुई रीनीट परीक्षा में उसने 148 सवालों का जवाब दिया था जिनमें 136 सवालों के जवाब सही और 12 जवाब गलत थे. ऐसे में 720 अंकों में से 522 अंक मिलने चाहिए थे मगर नीट रिजल्ट में NTA ने सिर्फ 95 अंक दिए हैं.

अन्य छात्रों का भी दावा, नीट स्कोरकार्ड में कम अंक
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में झाबुआ जिले के छात्र लोकेंद्र सिंह खाड़िया ने याचिका दायर की. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। छात्र का कहना है कि उसके अंक ऑफिशियल ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन शीट और आंसर की के आधार पर नीट के स्कोरकार्ड से मिल नहीं रहे हैं. छात्र का दावा है कि उसका रिजल्ट गलत आया है. जब उसने अंकों की कैलकुलेशन की थी तब करीब 305 अंक बन रहे थे लेकिन NTA के स्कोरकार्ड में सिर्फ 64 अंक दिए गए हैं. इस याचिका को लेकर केंद्र सरकार से कोर्ट ने जवाब मांगा है. इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को की जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *