लाल सागर का ‘भस्मासुर’ भी जागा! तेल 98 डॉलर के पार, ₹75000 करोड़ के बोझ से दबी सरकार, पेट्रोलडीजल, LPG कब तक रहेंगे सस्ते?

लाल सागर का ‘भस्मासुर’ भी जागा! तेल 98 डॉलर के पार, ₹75000 करोड़ के बोझ से दबी सरकार, पेट्रोलडीजल, LPG कब तक रहेंगे सस्ते?

Crude Oil Price: अमेरिकाईरान युद्ध के बीच के हूतियों के लाल सागर पर जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमले की जिम्मेदारी लेकर बाबअलमंदेब जलडमरूमध्य पर भी टेंशन बढ़ा दी है. होर्मुज पहले से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह बना हुआ है और कमर्शियल जहाजों के लिए बंद है. अब लाल सागर में हूतियों के हमले ने वैश्विक तेल सप्लाई चेन पर चिंता बढ़ा दी है.

लाल सागर का ‘भस्मासुर’ भी जागा! तेल 98 डॉलर के पार, ₹75000 करोड़ के बोझ से दबी सरकार, पेट्रोलडीजल, LPG कब तक रहेंगे सस्ते?

होर्मुज के बाद लाल सागर में उबाल
होर्मुज और बाबअलमंदेब पर बढ़ रहे खतरे के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी फिर से लौटी है. कच्चा तेल 100 डॉलर के आंकड़े को छूने के लिए तेजी से बढ़ रहा है. 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड फिर से चढ़ा और करीब 4.12 फीसदी की तेजी के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया. बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर ऐलान के दौरान इसकी कीमत 76 डॉलर तक पहुंच गई थी, लेकिन युद्धविराम टिक ना सका. कच्चे तेल के सप्लाई पर बढ़ता तनाव क्रूड ऑयल की कीमत में तेज उछाल की वजह बन रहा है. ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर रहा है, तो WTI क्रूड की कीमत फिर से 90.35 डॉलर को पार चली गई है. कच्चे तेल की कीमतों में ये तेजी आपकी मुश्किल बढ़ाने वाली है. कच्चे तेल के दाम बढ़ने का सीधा कनेक्शन आपकी जेब से है.

होर्मुज के बाद लाल सागर की तबाही पेट्रोलडीजल संकट ना बढ़ा दे ?
हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो ऑयल टैंकर ‘Encelia’ और ‘Layla’ पर हमले की बात स्वीकर कर ली है. उसके बाद शिपिंग कंपनियों ने लिए बाबअलमंदेब स्ट्रेट भी सुरक्षित नहीं रहा. होर्मुज पर पहले से नाकेबंदी है. अब लाल सागर में बढ़े खतरे ने वैश्विक तेल सप्लाई पर संकट को बढ़ा दिया है. जिसका सीधा असर तेल क कीमतों पर तो होगा ही, ऊर्जा संकट की वजह बन सकता है. अगर ये विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो कई देशों में फिर से पेट्रोल पंपों के बाहर गाड़ियों की लंबी लाइनें, LPG सिलेंडर के लिए कतारें दिख सकती है.

तेल कंपनियों का बढ़ता घाटा, क्या फिर से पेट्रोलडीजल की कीमतों को बढ़ाएगा ?
खाड़ी युद्ध और होर्मुज तनाव के चलते भारत में LPG सिलेंडर की कीमतें कई बार बढ़ी, मई 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल करीब 7.34 रुपये और डीजल 7.91 रुपये प्रति लीटर महंगा किया था. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। अब लाल सागर और होर्मुज खतरा एक साथ बढ़ रहा है. जिसकी वजह से तेल सप्लाई संकट बढ़ रहा है. अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी, तो तेल कंपनियों का घाटा बढ़ता चला जाएगा और दवाब में आकर फिर से पेट्रोलडीजल , गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए जा सकते हैं.

युद्ध ने बढ़ाई तेल कंपनियों की मुसीबत! तेल कंपनियों को हजारों करोड़ का नुकसान
खाड़ी युद्ध और वैश्विक तेल मार्ग बंद होने के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत की सरकारी तेल कंपनियों का नुकसान बढ़ता जा रहा है. वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही में HPCL को 12,265 करोड़ रुपये और BPCL को 3,962 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. तेल का इंपोर्ट बिल बढ़ रहा है, शिपिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी हो रही है और लंबे वक्त तक इन कंपनियों ने बिना पेट्रोलडीजल के दाम बढ़ाए ही इसे रिटेल में बेचना जारी रखा, जिसकी वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद इस बात की जानकारी दी थी कि सरकारी स्वामित्व वाली तीनों तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन , भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को अप्रैलजून तिमाही में संयुक्त रूप से 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

1 लीटर पेट्रोलडीजल पर कितना नुकसान झेल रही तेल कंपनियां
HPCL ने जून तिमाही में 12,265 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 4,111 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. BPCL को पिछले 15 तिमाहियों में पहली बार घाटा हुआ है, जो करीब 3,333.97 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और उस मुताबिक रिटेल रेट को स्थिर बनाकर रखने की कवायत में तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ता जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 10.6 रुपये और डीजल पर 18.40 रुपये का घाटा झेलना पड़ रहा है. LPG सिलेंडर पर तेल कंपनियों ने 700 रुपये तक का प्रति सिलेंडर नुकसान झेला है. ऐसे में बढ़ते लागत का बोझ तेल कंपनियां बहुत दिनों तक झेल नहीं पाएंगी.. अगर युद्ध नहीं खत्म हुआ , तो आने वाले दिनों में आपको फिर से पेट्रोलडीजल के दाम में तेजी और महंगे LPG सिलेंडर की मार झेलनी पड़ सकती है.

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