Barabanki News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट; 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट

Barabanki News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट; 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट
Barabanki News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट; 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट

बाराबंकी। नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश के कारण बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है, जिससे जिले की तीनों तटीय तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के कई गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत केंद्र सक्रिय

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि सरयू नदी परसों रात और गुरुवार सुबह से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और जिले की सभी बाढ़ चौकियों एवं राहत केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने रामसनेहीघाट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी रहेगी। राहत सामग्री वितरण के लिए संबंधित विभागों और टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

बाढ़ की आशंका से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

संभावित बाढ़ को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोग पहले से ही सतर्क हो गए हैं। ग्रामीण पुरानी नावों की मरम्मत कराने, जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और परिवारों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की तैयारी में जुटे हैं।

200 बच्चों की पढ़ाई पर संकट

बाढ़ का असर केवल जनजीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। रामनगर तहसील के बबुरी सरसंडा गांव में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के दौरान प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय सरयू नदी में कटकर बह गए थे। एक वर्ष बीतने के बाद भी नए विद्यालय का निर्माण नहीं हो सका है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके चलते करीब 200 बच्चे नियमित शिक्षा से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे गांव का विद्यालय काफी दूर होने के कारण छोटे बच्चों का प्रतिदिन वहां तक पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने उठाई दोहरी मांग

एक ओर सरयू का बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के लिए नई चुनौती बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर विद्यालय का पुनर्निर्माण न होने से बच्चों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा के साथसाथ बबुरी सरसंडा गांव में जल्द से जल्द नए विद्यालय का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राहत कार्यों के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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