
सीतापुर। जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे सात शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद अब उनकी तलाश पुलिस और शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गई है। बर्खास्तगी की सूचना मिलते ही सभी आरोपित शिक्षकों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए, जिसके चलते पुलिस की लगातार तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि फर्जी शिक्षकों से सरकारी धन की रिकवरी कराने के लिए वित्त एवं लेखा अनुभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को आरोपित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में फर्जी पाए गए शिक्षकों में प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर की कुसुमलता, प्राथमिक विद्यालय भानपुर के मनीष सिंह, प्राथमिक विद्यालय गणेशपुर के सहायक अध्यापक भूपेंद्र कुमार, प्राथमिक विद्यालय बसारा की पूजा, प्राथमिक विद्यालय महुवाकला के विवेक कुमार, प्राथमिक विद्यालय ताजपुर के मुरली लाल रावत तथा प्राथमिक विद्यालय शिवपुरी के जयनारायण सिंह शामिल हैं।
बीएसए ने कहा कि इन सभी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और उनसे अब तक लिए गए वेतन व अन्य सरकारी धन की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।