
मुरादाबाद, अमृत विचार। परीक्षा देने के लिए 25 जून को मुरादाबाद से निकली अदीला लापता हो गई थी। मां की तहरीर पर 17 जुलाई को पीतलनगरी में रहने वाले दो भाइयों पर युवती को बहलाफुसलाकर गायब करने का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के बाद पता चला कि युवती का शव रुड़की के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में मिला था। पुलिस ने शव की पहचान करने का प्रयास किया, शिनाख्त नहीं होने के बाद लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जांच के दौरान जेल में पूछताछ पर आरोपी ने हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया। कटघर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
कोहिनूर तिराहा के राशिद एक्सपोर्टर वाली गली में रहने वाली आबगिना ने बताया कि उनकी बेटी आदिला रहमान 25 जून को प्रयागराज में परीक्षा देने के लिए टैक्सी से निकली थी। इसके बाद उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में पता चला कि तहरीर में बताया था कि मेरी बेटी अदीला रहमान, 29 जून को दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल1 पहुंचने के बाद से लापता है। काफी तलाश के बाद उसकी कोई जानकारी नहीं मिलन पर पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस 17 जुलाई को देवापुर पीलतनगरी के रहने वाले कुरबान अली और गुलफाम अली पुत्र असलीम हसन के विरुद्ध युवती को बहला फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की तो पता चला कि 29 जून की रात को युवती घर से परिचित की टैक्सी से दिल्ली जाने के लिए निकली थी। टैक्सी चालक ने पूछताछ में बताया कि उसने अदीला को जोया टोल प्लाजा पर छोड़ा था, जहां से वह गुलफाम अपने साथ ले गया था। एक जुलाई को गुलफाम थाना गंज जनपद रामपुर में अपने पुराने मुकदमे में न्यायालय में हाजिर होकर जिला कारागार चला गया था। न्यायालय से लेकर पुलिस ने आरोपी गुलफाम बयान दर्ज किए। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि अदीला से मैंने 18 मार्च को को अजमेर में निकाह किया था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। निकाह के बारे में हम दोनों के घरवालो को कोई जानकारी नहीं थी। अदीला साथ रहने के लिए मुझ पर दबाव बनाने लग रही थी। 29 जून को अदीला को जोया टोल से अपनी से रिसीव किया था। उस दिन वहां हम दोनों में झगड़ा हुआ। गाली गलौच के बाद अदीला ने मुझे चप्पल मारी थी। मैंने गुस्से में आकर पिस्टल से अदीला को तीन गोली मारीं। इसके बाद उसका शव रुड़की रोड पर बड़ी नहर में फेंक दिया। किसी काे शक न हो इसलिए इसके लिए पुराने मुकदमे में हाजिर होकर जेल में आ गया। गुमशुदा अदीला के शव व सामान की बरामदगी के लिए आरोपी गुलफाम की रिमांड की कार्रवाई की जा रही है।
निकाहनामे से खुला राज
आबगिना ने बताया कि बेटी की जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने घर में उसके सामान की तलाशी ली तो एक बैग में निकाह की रसीद और शादी का जोड़ा मिला। इसके बाद अपहरण की आशंका में पुलिस को तहरीर दी। निकाह नामे की रसीद अजमेर की मस्जिद की है जिसमें पति के नाम वाले स्थान पर गुलफाम का नाम लिखा था। इसके बाद गुलफाम के भाई कुरबान का फोन आया और पुलिस से शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने निकाहनामे के आधार पर जांच शुरू की तो सारा मामला सामने आया गया।
गुलफाम के घर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी अदीला
मृतक अदीला की मां ने बताया कि पति नौकरी करते हैं और मैं लोगों के कपड़े सिलकर अदीला को पढ़ा रहे थे। अदीला अब से तीन वर्ष पहले गुलफाम के घर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी। तभी से गुलफाम की अदीला पर गंदी निगाह थी। कई बार गुलफाम की गंदी हरकतों की शिकायत की, लेकिन उस वक्त पैसे की जरूरत थी, जब गुलफाम ने अदीला को ज्यादा परेशान करना शुरू कर दिया तो अदीला ने उसके भाई के बच्चों को पढ़ाने जाना बंद कर दिया था। हमारी दो बेटी अब छोटी बेटी आमना रह गई। गुलफाम के द्वारा मेरी बेटी को मारकर नदी फेंकने बात सामने आ रही है और उसका लावरिस में रुड़की की मंगलौर कोतवाली पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया है। आबगिना दोनों आरोपियों के लिए पुलिस से फांसी की सजा दिलाने के लिए गुहार लगा रही है।
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