
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ”जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत नकली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में नकली दवाओं की बरामदगी से शुरू हुई जांच ने देहरादून में संचालित एक अवैध दवा निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दिया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश ने क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और उत्तराखंड एफएसडीए के साथ संयुक्त कार्रवाई कर करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और आधुनिक मशीनरी बरामद की है। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
मामले की शुरुआत 19 जुलाई को अमीनाबाद में दर्ज मुकदमे से हुई थी, जहां 43 प्रकार की संदिग्ध दवाएं बरामद हुई थीं। जांच में ”फ्लोजेन एए” टैबलेट का नमूना नकली पाया गया। इसके बाद एफएसडीए ने विशेष प्रवर्तन टीम गठित कर मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन की पड़ताल शुरू की। जांच में मुख्य सप्लायर के रूप में गाजियाबाद निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा का नाम सामने आया, जिसे 22 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में नकली दवाओं की पैकेजिंग, मशीनों और निर्माण से जुड़े दस्तावेज व चैट मिले। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित फैक्ट्री का पता चला। संयुक्त टीम ने वहां छापा मारकर अलूअलू पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट प्रिंटर, कंप्रेसर, बड़ी मात्रा में सेमीफिनिश टैबलेट, कैप्सूल, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद किए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। जांच में सामने आया कि बिना लाइसेंस प्रसिद्ध कंपनियों के नाम से नकली दवाएं तैयार कर बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी।
छापेमारी के दौरान क्लावैक्टम 625 और रेज़ोडी समेत कई चर्चित दवा ब्रांडों की नकली पैकिंग सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा सिप्ला, डॉ. रेड्डीज, इनटॉस, लूपिन और अन्य कंपनियों के नाम से छपे मास्टर कार्टन और पैकेजिंग सामग्री भी मिली। इस मामले में गौरव त्यागी, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विपिन भटनागर और विनय चंद को नामजद किया गया है। राजेंद्र सिंह और विनय चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पूरे नेटवर्क को करेंगे ध्वस्त : डॉ. रोशन जैकब
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ अभियान केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
क्याक्या हुआ बरामद
• आधुनिक पैकिंग मशीन और स्ट्रिप मशीन।
• इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर और अन्य उपकरण।
• बड़ी मात्रा में सेमीफिनिश टैबलेट और कैप्सूल।
• नकली एल्युमिनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन।
• कई नामी दवा कंपनियों के नाम से तैयार पैकेजिंग सामग्री।