तेल में फिर लगी आग! $95 के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, क्या फिर लगेगा शतक

तेल में फिर लगी आग!  के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, क्या फिर लगेगा शतक

बुधवार को तेल की कीमतें लगभग छह हफ़्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं. ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और यमन में ईरान समर्थित हूथी मिलिशिया द्वारा शिपिंग को दी जा रही धमकियों के कारण मिडिल ईस्ट में सप्लाई रूट में रुकावट की बढ़ती चिंताओं की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ 95.47 डॉलर के साथ हाई पर दिखाई दिए.

तेल में फिर लगी आग!  के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, क्या फिर लगेगा शतक

US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 88.61 डॉलर प्रति डॉलर पर दिखाई दिए. दोनों बेंचमार्क 11 जून के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए. अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 11वीं रात हमले किए. अमेरिकी हमले कुवैती सेना के यह कहने के कुछ ही देर बाद हुए कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी ड्रोन्स को रोक रहे थे.

बाब अलमंडेब स्ट्रेट बन सकता है हॉट स्पॉट

होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल को लेकर नए सिरे से शुरू हुए संघर्ष के अलावा, ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने वॉर में एक नया मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने बाब अलमंडेब स्ट्रेट में सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है और सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की है. KCM ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर ने रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा कि अब एनर्जी मार्केट को दो स्ट्रेट्स की चिंता सता रही है.

बाब अलमंडेब स्ट्रेट भी होर्मुज स्ट्रेट की तरह एक हॉट स्पॉट बन सकता है, क्योंकि ट्रेडर्स रेड सी में शिपिंग की संख्या पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. रेड सी के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित बाब अलमंडेब सऊदी अरब के क्रूड एक्सपोर्ट के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण रूट बन गया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाला ट्रैफिक तेज़ी से कम हुआ है.

और बढ़ सकती हैं कीमतें

चीन और भारत के लिए सऊदी क्रूड ले जा रहे तीन तेल टैंकरों ने मंगलवार को रेड सी में यूटर्न लिया और यमनी तट के जोखिम भरे रास्ते के बजाय स्वेज नहर की ओर बढ़ गए. ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Naga.com के मार्केट एनालिस्ट फ्रैंक वालबाम ने रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा कि हूथी खतरे के कारण टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है. इससे फिजिकल मार्केट और सऊदी एक्सपोर्ट पर और दबाव पड़ सकता है, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं. हूती विद्रोहियों की धमकियों के जवाब में, एशियाई रिफाइनर सऊदी अरब के लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह से स्वेज नहर और अफ्रीका के रास्ते कच्चा तेल मंगाने की कोशिश कर रहे हैं.

अमेरिकी इंवेट्री में हुआ इजाफा

हालांकि संघर्ष के दौरान दुनिया भर में तेल का स्टॉक कम हुआ है, लेकिन अमेरिका के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि इन्वेंट्री में कुछ बढ़ोतरी हो रही है. मार्केट सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले हफ्ते अमेरिका में कच्चे तेल और डिस्टिलेट की इन्वेंट्री में बढ़ोतरी हुई, जबकि गैसोलीन का स्टॉक कम हुआ. यह इन्वेंट्री डेटा बुधवार को US एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के आधिकारिक आंकड़ों के आने से पहले सामने आया है.

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