
बहेड़ी/बरेली,अमृत विचार। बरेलीनैनीताल हाईवे पर यूपीउत्तराखंड सीमा स्थित मुंडिया टोल प्लाजा के पास रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। कथित तौर पर चेकिंग टीम और पुलिस के खौफ से अपनी गाड़ियां छोड़कर भाग रहे दो युवा ट्रक ड्राइवर ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर दौड़ाने और वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालात को काबू करने के लिए कई थानों की फोर्स तैनात करनी पड़ी।
घटना रविवार शाम करीब 3:45 बजे की है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड की ओर से रेताबजरी लेकर आने वाले ट्रकों की यूपीयूके बॉर्डर पर चेकिंग चल रही थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के वक्त सीमा पर रेताबजरी से लदे कई ट्रक खड़े थे और चेकिंग टीम के साथ ड्राइवरों की बातचीत चल रही थी।
इसी दौरान तीन और ट्रक वहां पहुंचे। उनके चालक भी पुलिस से बात करने के लिए आगे बढ़े। चश्मदीदों का कहना है कि अचानक एक पुलिसकर्मी अपनी सीट से उठा, जिसे देखकर पीछे से आए ट्रक ड्राइवर घबरा गए और वहां से भाग खड़े हुए। पुलिस से बचने की हड़बड़ी में वे पास से गुजर रहे रेलवे ट्रैक पर जा पहुंचे। तभी बहेड़ी की ओर से आ रही ट्रेन संख्या 55313 की चपेट में आने से दो ड्राइवरों की मौत हो गई, जबकि कुछ बालबाल बच गए।
मृतकों की पहचान:
वासिफ : निवासी मुंडिया जागीर, थाना देवरनिया
इरफान : निवासी कंजादासपुर, थाना इज्जतनगर
परिजनों का हंगामा और वसूली के आरोप
युवा ड्राइवरों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुलिस ने ड्राइवरों को दौड़ाया था, जिसकी वजह से वे ट्रैक की ओर भागे। इलाके में रेताबजरी के धंधे में वन विभाग और पुलिस टीमों पर अवैध वसूली के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। घटना के बाद भी यही सवाल गूंजता रहा कि आखिर ड्राइवरों को किस बात का खौफ था कि उन्हें अपनी गाड़ियां छोड़कर भागना पड़ा?
देर रात तक चलती रही वार्ता
हंगामे को देखते हुए पुलिसप्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। पुलिस अधिकारियों ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। एसपी नॉर्थ मुकेश मिश्रा ने ट्रेन की चपेट में आने से दो मौतों की पुष्टि की है। वहीं, चेक पोस्ट से लेकर थाने तक पुलिस और परिजनों के बीच देर रात तक वार्ता का दौर चलता रहा।
“दोनों लोगों की दुर्घटना में मौत हुई है। परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं। वहां पर कई विभागों के चेक पोस्ट हैं, पुलिस पर दौड़ाने के आरोप सरासर गलत हैं।” अरुण कुमार, सीओ।