वजन घटाने के लिए कई तरीके फॉलो किए जाते हैं. इसमें सिर्फ डाइटिंग पर फोकस करना भी शामिल है. क्या सिर्फ डाइट को फॉलो करके आसानी से वेट लॉस किया जा सकता है. ये एक मिथक भी हो सकती है क्योंकि एक्सपर्ट कहते हैं कि साथ में फिजिकली एक्टिव रहना चाहिए. डॉक्टर गीतिका चोपड़ा कहती हैं कि सिर्फ डाइट से शुरुआती समय में वजन कम हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक स्वस्थ और टिकाऊ वेट लॉस के लिए केवल डाइट काफी नहीं है.

कई रिसर्च बताती है कि वजन कम करना सिर्फ कम खाना नहीं, बल्कि मेटाबॉलिज्म, हार्मोन्स, मसल्स मास, नींद, स्ट्रेस, गट हेल्थ और फिजिकल एक्टिविटी इन सभी का बैलेंस है. एक्सपर्ट से जानें हमें वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो करने के अलावा किनकिन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
डाइट के साथ ये एक्टिविटी भी करें फॉलो
एक्सपर्ट कहती हैं कि सही वेट लॉस के लिए कैलोरी डिफिक्ट जरूरी है, लेकिन क्रैश डाइटिंग बिल्कुल नहीं. हर मील में हाई क्वालिटी प्रोटीन लेना, वीक में 24 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना, रोज 7,00010,000 कदम चलना, 78 घंटे की अच्छी नींद लेना और स्ट्रेस को कंट्रोल में रखना उतना ही जरूरी है. अगर सिर्फ डाइट की जाए और प्रोटीन और एक्सरसाइज पर ध्यान न दिया जाए, तो फैट के साथ मसल्स भी कम हो सकती है, जिससे मेटाबॉलिज्म स्लो पड़ सकता है और फ्यूचर में वजन दोबारा बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है.
मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाना
एक्सपर्ट कहती हैं कि हमारा पहला फोकस केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि गट इंफ्लामेशन और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाना होता है. क्रोनिक गट इंफ्लामेशन पाचन, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोल इंबैलेंस और वेट मैनेजमैंट को प्रभावित कर सकती है.
साथ ही, लंबे समय तक बनी रहने वाली क्रोनिक इंफ्लामेशन कई गंभीर बीमारियों जैसे टाइप 2 डायबिटीज, दिल की बीमारियां और कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम से भी जुड़ी हुई मानी जाती है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसलिए हम पर्सनाइलज्ड न्यूट्रिशन, गट हीलिंग, एंटीइंफ्लामेंट्री फूड्स और ससटेनेबल लाइफस्टाइल चेंजिस पर काम करते हैं, ताकि मरीज सिर्फ वजन ही न घटाए, बल्कि अंदर से भी स्वस्थ बने.
हमेशा फॉलो करें ये फॉर्मूला
एक्सपर्ट कहती हैं कि कामयाब वेट लॉस का सही फॉर्मूला है
बैलेंस न्यूट्रिशन
हेल्दी गट
सही प्रोटीन इंटेक
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
क्वालिटी स्लीप
स्ट्रेस मैनेजमेंट
कॉन्सिटेंसी.
यही तरीका न सिर्फ वजन कम करता है, बल्कि उसे लंबे समय तक बनाए रखने और पूरी हेल्थ को बेहतर बनाने में भी मदद करता है.