
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश, गरजचमक और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर 28 और 29 जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
27 जुलाई: कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, 27 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ गरजचमक की संभावना है।
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं शामिल हैं।
इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, अमेठी और सुल्तानपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
28 जुलाई: पूरे प्रदेश में बारिश के आसार
मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जुलाई को लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होगी।
सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, झांसी, महोबा, हमीरपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
29 जुलाई: इन जिलों में भी रहेगा भारी बारिश का खतरा
29 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
ललितपुर में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, झांसी, महोबा, हमीरपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, बरेली और पीलीभीत सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
30 और 31 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
आईएमडी के अनुसार, 30 और 31 जुलाई को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरजचमक और वज्रपात की गतिविधियां बनी रहेंगी।
IMD की चेतावनी: जलभराव और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि, सड़क और रेल यातायात में बाधा, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और कच्चे मकानों को नुकसान की आशंका है।
कुछ क्षेत्रों में जनधन और पशुधन को भी नुकसान पहुंच सकता है।
लोगों और किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के पास न जाने तथा मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की है।
वाहन चालकों को कम दृश्यता और फिसलन भरी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने, धान, गन्ना, दलहन, तिलहन, मक्का और सब्जी फसलों में जलभराव से बचाव के उपाय करने तथा लगातार बारिश के दौरान उर्वरकों के प्रयोग से बचने की सलाह दी गई है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। केला, पपीता और अन्य बागवानी फसलों को सहारा देने और रोगों की नियमित निगरानी करने की भी सलाह दी गई है।