
काहिरा। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद अब दोनों देशों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, मध्यस्थ देशों ने दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने और एक अस्थायी युद्धविराम व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान ने बातचीत की पेशकश की है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और उम्मीद है कि किसी नतीजे तक पहुंचा जा सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से कहा गया है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई सीधी वार्ता नहीं हो रही है।
कतर और पाकिस्तान कर रहे मध्यस्थता
मामले की जानकारी रखने वाले क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, कतर और पाकिस्तान की अगुआई में मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के बीच जारी मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका उद्देश्य हालिया संघर्ष के बाद टूटी अस्थायी युद्धविराम व्यवस्था को फिर से लागू कराना है। हालांकि, क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के चलते तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले का दावा
इस बीच सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमले का दावा किया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हूती विद्रोहियों का दावा उसी हमले से जुड़ा है या किसी अन्य कार्रवाई से। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद पश्चिम एशिया में हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
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