बाराबंकी : नानकदीन की मृत्यु से गम में डूबा पैतृक गांव, दी श्रद्धांजलि

बाराबंकी : नानकदीन की मृत्यु से गम में डूबा पैतृक गांव, दी श्रद्धांजलि
बाराबंकी : नानकदीन की मृत्यु से गम में डूबा पैतृक गांव, दी श्रद्धांजलि

कार्यालय संवाददाता, बाराबंकी, अमृत विचार : पूर्व मंत्री और भुर्जी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानकदीन भुर्जी की आकस्मिक मौत के बाद उनके पैतृक गांव में शोक पसर गया। ग्रामीण उनके गांव से जुड़ाव व पुरानी यादों का जिक्र कर गमगीन हो उठे।

स्वर्गीय नानकदीन भुर्जी का पैतृक आवास सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेहटा में स्थित है। मंगलवार को उनके साथ हुई घटना की खबर पहुंची तो लोग परेशान हो उठे। हर कोई उनके इस गांव से जुड़ाव की चर्चा में लीन हो गया।

उनके सगे भांजे शशी भुर्जी ने बताया कि वर्ष 1990 में सचिवालय लखनऊ में नौकरी लगने के बाद मामा नानकदीन लखनऊ चले गए और मदेयगंज खदरा जाकर बस गए। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। परिवार में पांच भाई व दो बहनें हैं पर सब अलग अलग रह रहे हैं।

स्वर्गीय नानकदीन लखन्ऊ में अपनी पत्नी मंजू, बेटी प्रियंका, बेटे पुरूषोत्तम व उत्तम भुर्जी के साथ रह रहे थे। बताया कि मृदु व सहयोगी स्वभाव के धनी उनके मामा के निधन से दुख की लहर दौड़ गई। उनके गांव में हर कोई घटना पर शोक जताता दिखा।

सपा फिर बसपा में रहकर अपेक्षित माहौल न मिलने के बाद वह भाजपा में चले गए, जहां पर रहकर भी समाजसेवा नहीं भूले। वहीं बेहटा गांव के पूर्व प्रधान निसार ने बताया कि नानकदीन भुर्जी का निधन अपूर्णनीय क्षति है। पूरा गांव शोकाकुल है। उनका व्यवहार, मिलनसारिता कभी भुलाई नहीं जा सकेगी।

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