
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड को लेकर खाद्य एवं रसद विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग जल्द ही प्रदेश के करीब 2.35 लाख अपात्र परिवारों के राशन कार्ड निरस्त करने जा रहा है। इसके लिए सभी जिलों के जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश जारी कर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है।
56.94 लाख संदिग्ध लाभार्थियों की हुई थी पहचान
अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद की ओर से जारी आदेश के अनुसार, भारत सरकार के इंटर मिनिस्टीरियल डेटा फॉर राइटफुल टारगेटिंग के आधार पर प्रदेश में 56.94 लाख संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई थी। इनमें से अब तक 56.30 लाख लाभार्थियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, जबकि 63,885 लाभार्थियों का सत्यापन अभी बाकी है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। वहीं, 26,021 मामलों में अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया लंबित है।
35.37 लाख राशन कार्ड पहले ही हो चुके हैं निरस्त
विभाग की जांच में अब तक 37.72 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनमें से 35.37 लाख राशन कार्ड पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। अब शेष 2.35 लाख अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने के निर्देश
अपर आयुक्त खाद्य एवं रसद ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चिह्नित अपात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर पूरी कर इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए। विभाग का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को ही सरकारी राशन योजना का लाभ मिले, इसके लिए लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।