
बरेली, अमृत विचार। जिले में वक्फ संपत्तियों में करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले का दावा किया गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मंगलवार को बरेली के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर इस घोटाले से जुड़े 50 पन्नों के दस्तावेजी सबूत पेश किए। मौलाना का दावा है कि सिर्फ बरेली जिले में ही भूमाफियाओं और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों की मिलीभगत से 320 करोड़ रुपये की वक्फ जमीनों को खुर्दबुर्द किया गया है।
बता दें कि मौलाना शहाबुद्दीन रजवी काफी समय से वक्फ संपत्तियों में घोटाले का मुद्दा उठा रहे हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा था। इसके बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मौलाना पर ‘हवाहवाई’ आरोप लगाने की बात कहते हुए उनसे सबूत मांगे थे, जिसके जवाब में मौलाना ने डीएम को यह डोजियर सौंपा है।
मौलाना के 50 पन्नों के सुबूत में इन 2 बड़े घोटालों का जिक्र:
मौलाना शहाबुद्दीन ने अपने दस्तावेजों में मुख्य रूप से बरेली की दो बड़ी वक्फ संपत्तियों का विवरण दिया है, जिन्हें अवैध रूप से बेचा गया है:
बहेड़ी : तहसील बहेड़ी के इस गांव में 1400 बीघा वक्फ जमीन है। आरोप है कि इसमें से कुछ हिस्सा बेच दिया गया है और बाकी बेचने की तैयारी चल रही है। आज के बाजार भाव के अनुसार इस संपत्ति की कीमत करीब 220 करोड़ रुपये आंकी गई है। सदर : तहसील सदर के इस गांव की वक्फ जमीन अब शहरी क्षेत्र में आ गई है, जिससे इसकी कीमत काफी बढ़ गई है। मौलाना के मुताबिक, 100 करोड़ रुपये की मालियत वाली इस जमीन को पूरी तरह से बेच दिया गया है।
‘अखिलेश यादव अपनों के घोटालों पर खामोश हैं’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव राम मंदिर चढ़ावे में 2.5 से 3 करोड़ रुपये की चोरी की बहुत चर्चा करते हैं, लेकिन उनके ही चहेतों ने वक्फ की जमीनों में अरबों रुपये का घोटाला किया है। अपने चहेतों के घोटालों पर वे बिल्कुल खामोश हैं, लेकिन मुझसे सबूत मांग रहे थे। इसलिए मैंने आज डीएम ऑफिस जाकर सारे सबूत पेश कर दिए हैं।”
मौलाना ने दावा किया कि जब लोग बरेली के इस 320 करोड़ रुपये के वक्फ घोटाले को देखेंगे, तो बाकी सब भूल जाएंगे।
“बुजुर्गों ने भलाई के लिए दी थी जमीन, कौड़ियों के भाव बेच दी”
मौलाना शहाबुद्दीन ने अफसोस जताते हुए कहा कि हमारे बुजुर्गों ने अपनी बेशकीमती जमीनें वक्फ इसलिए की थीं ताकि उससे होने वाली आमदनी का उपयोग धर्मकर्म के कामों और गरीब मुसलमानों की आर्थिक मदद के लिए किया जा सके। लेकिन ऐसा होने के बजाय, बड़े नेताओं और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों ने भूमाफियाओं के साथ साठगांठ करके करोड़ों की इन जमीनों को कौड़ियों के भाव बेच डाला।
ये भी पढ़ें