
संडीला / हरदोई, अमृत विचार : संडीला क्षेत्र में दो युवकों की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ तीन विधिविरुद्ध बालकों को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, खोखा कारतूस, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किए गए बांस के डंडे बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई की सुबह डायल112 पर सूचना मिली थी कि अतरौली मार्ग पर तकियाआटामऊ जाने वाली सड़क के किनारे, जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन पानी की टंकी के पास दो युवकों के शव पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो मृतकों की पहचान कछौना थाना क्षेत्र के रेसों निवासी अरुण चौरसिया और गौहनिया निवासी अभिषेक चौरसिया के रूप में हुई। दोनों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे।
इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी और क्षेत्राधिकारी संडीला के नेतृत्व में थाना पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीमों को लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकिया निवासी कुलदीप और प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लिया गया।
बाल अपचारी और उसके साथी प्रमोद ने अरुण की हत्या की योजना बनाई
पूछताछ में सामने आया कि एक बाल अपचारी की बहन से मृतक अरुण की फोन पर बातचीत और मुलाकात होती थी। इस बात की जानकारी होने पर बाल अपचारी और उसके साथी प्रमोद ने अरुण की हत्या की योजना बनाई। घटना से दो दिन पहले आरोपियों ने खेत से बांस निकालकर उसके डंडे तैयार किए और उन्हें पहले से घटनास्थल के पास छिपा दिया।
29 जुलाई की शाम आरोपियों ने अरुण और उसके साथी अभिषेक को कोल्ड ड्रिंक पार्टी के बहाने बुलाया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। सभी लोग निर्माणाधीन पानी की टंकी के पास पहुंचे। कुछ देर बाद पूर्व नियोजित साजिश के तहत अरुण पर बांस के डंडों से हमला कर दिया गया। अभिषेक जान बचाकर भागने लगा तो अन्य साथियों ने उसे गिरा दिया, जिसके बाद उसके ऊपर भी डंडों और ईंटपत्थरों से हमला किया गया।
पुलिस के अनुसार, अरुण के जीवित होने का आभास होने पर एक बाल अपचारी ने तमंचे से उसके चेहरे पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी दोनों युवकों के मोबाइल फोन अपने साथ ले गए और पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपने मोबाइल फोन परिजनों को देकर उन्हें बंद न करने की हिदायत दी, ताकि उनकी वास्तविक लोकेशन छिपी रहे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने यह तरीका मृतक अभिषेक से बातचीत के दौरान सीखा था, जिसने कथित रूप से पुलिस की जांच से बचने के संबंध में ऐसी सलाह दी थी।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा, खोखा कारतूस, दोनों मृतकों के मोबाइल फोन, बांस के डंडे तथा घटनास्थल से संबंधित अन्य सामान बरामद कर लिया है। मामले के सफल अनावरण में संडीला पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया जाएगा।