
अमृत विचार, संभल : वर्षों के इंतजार के बाद मध्य गंगा नहर का पानी संभल जिले में पहुंचने की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। ट्रायल के दौरान संभल ब्लॉक के गांव रहटोल के पास नहर में करीब आठ फीट चौड़ा कटान हो गया, जिससे तेज बहाव के साथ पानी आसपास के खेतों में घुस गया। इससे सैकड़ों बीघा धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मध्य गंगा नहर की कई ऐसी शाखाओं में पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसी ही एक नहर में ट्रायल के तौर पर बिजनौर कैनाल से पानी छोड़ा गया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। पानी अमरोहा की सीमा पार कर बुधवार को संभल जिले में प्रवेश किया था। रात को पानी पहुंचा तो रहटोल गांव के पास नहर कट गई और पानी आगे बढ़ने के बजाय खेतों में भरने लगा।
शुक्रवार सुबह किसानों को पता चला तो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और कट्टों में मिट्टी भरकर कटान रोकने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। सूचना पर मध्य गंगा नहर परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और चार घंटे की मशक्कत के बाद चार जेसीबी की मदद से कटान को बंद कराया।
खेतों में भर गया नहर का पानी
नहर का पानी तेज बहाव के साथ खेतों में घुसने से धान और गन्ने की खड़ी फसल डूब गई। प्रभावित किसानों में रघुराज सिंह, समरपाल सिंह और सोमपाल सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि अचानक खेतों में पानी भरने से उनकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की। मध्य गंगा नहर परियोजना से जिले के लाखों किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है, लेकिन ट्रायल के दौरान हुए इस कटान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।