
लखनऊ। राइट टू एजुकेशन यानी शिक्षा का अधिकार कानून के तहत चयनित बच्चों को दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। बेसिक शिक्षा विभाग ने CMS, LPS समेत 18 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर एक महीने का समय दिया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। तय समय में बच्चों का दाखिला नहीं लेने पर इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
CMS और LPS समेत इन स्कूलों को नोटिस
जिन स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें CMS की कई शाखाएं, LPS की एल्डिगो शाखा, दिल्ली पब्लिक स्कूल की जानकीपुरम शाखा, पारा स्थित दा हेमिलटन स्कूल, सेंट मेरी इंदिरानगर, राजाजीपुरम सेंट जोजफ, सेंट जोजफ प्रियदर्शिनी कॉलेज और सेंट्रल एकेडमी स्कूल समेत 18 विद्यालय शामिल हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक इन स्कूलों ने अभी तक RTE के तहत चयनित बच्चों का दाखिला नहीं लिया है।
कई बार नोटिस के बाद भी नहीं लिया दाखिला
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों को बच्चों के दाखिले के लिए पहले भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने इन स्कूलों के प्रतिनिधियों को शिक्षा भवन बुलाकर भी निर्देश दिए थे। उस दौरान स्कूलों ने RTE के तहत बच्चों का दाखिला लेने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कई स्कूलों ने प्रवेश नहीं लिया।
एक महीने का मिला समय, फिर मान्यता रद्द करने की कार्रवाई
अब विभाग ने अंतिम तौर पर एक महीने का समय दिया है। इस अवधि में RTE के चयनित बच्चों का दाखिला नहीं लेने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाएगा। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि शुक्रवार को हुई बैठक में प्रवेश नहीं लेने वाले 18 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि एक महीने बाद भी यदि स्कूल दाखिला नहीं लेते हैं तो मान्यता रद्द करने की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाएगा।
लखनऊ में 97 स्कूलों पर विभाग की नजर
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार लखनऊ जिले में करीब 97 निजी स्कूल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जो RTE के तहत चयनित बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे थे। हालांकि, प्रशासन की सख्ती और लगातार निगरानी के बाद स्थिति में बदलाव आया है। विभाग के मुताबिक अब तक इन स्कूलों में 1,400 से अधिक बच्चों का दाखिला कराया जा चुका है। शिक्षा विभाग का कहना है कि RTE के तहत पात्र बच्चों को दाखिला दिलाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।