
तिर्वा/कन्नौज। अमृत विचार। बाबा साहेब भीमराव रामजी अंबेडकर चिकित्सा महाविद्यालय में आक्सीजन की पाइपलाइन चोरी का मामला सामने आया है। पीतल की पाइप लाइन की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी। सीएमएस ने आउटसोर्सिंग कर्मियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
बता दें कि कॉलेज में गत दिनों से लगातार ऑक्सीजन प्रेशर का रिसाव हो रहा था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसकी बजह की तलाश की जा रही थी। शनिवार को जनरल वार्ड के दूसरे तथा तीसरे तल पर मौजूद बंद पड़े पांच वार्डों को खोल कर देखा गया तो सप्लाई को लगे पीतल के पाइप गायब मिले। ये वार्ड चालू नहीं होने से ताला लगा था। किसी का आना जाना भी नहीं था। ऐसे में आक्सीजन गैस सप्लाई की पाइपलाइन उखाड़ कर चोरी कर ली गई। चोरी खिड़की और जाली तोड़कर की गई। घटना से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया और जांच शुरू की गई।
मामले में सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कम्पनी मेसर्स फ्रंटलाइन सिक्योरिटी एंड मैन पावर सर्विसेज के 6 कर्मचारियों शैलेन्द्र सिंह, मानवेन्द्र सिंह, अतुल कुमार शुक्ला, विजय शंकर, कोतवाल, इंद्रेश तिवारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूछा गया है कि चोरी की घटना उनकी ड्यूटी के दौरान कैसे हुई।
इसकी जांच अपने स्तर से करते हुए रिपोर्ट पेश करें। अन्यथा की स्थिति में चोरी हुई पाइप लाइन की लागत की वसूली उनके वेतन से की जाएगी। बताया गया कि कम्पनी सुपरवाइजर शैलेन्द्र सिंह ने सीएमएस को दिए जवाब में संबंधित वार्ड में कम्पनी के किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं होने तथा वार्डों के प्रवेश द्वार पर हर समय ताला लगा रहने की बात कही है।
बंदरों ने तोड़ दी होगी पाइपलाइन !
मजे की बात यह कि ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन को चोरी न बता बंदरों की तरफ से तोड़े जाने की बात कही जा रही है। मामले को दबाने के लिए आउटसोर्सिंग कर्मी कह रहे हैं कि बंदरों ने पाइपलाइन तोड़ दी होगी। तोड़ दी तो क्या बंदर लाइन उठा भी ले गए? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।
सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने पाइपलाइन चोरी के मामले की जांच किए जाने की बात कही है। बताया कि सुरक्षा के लिए जो लोग तैनात किए गए उन्हें नोटिस जारी कर चोरी के संबंध में पूछा जा रहा है। सैनिक कल्याण बोर्ड को भी नोटिस भेजा जा रहा है। प्राचार्य पुष्पेंद्र सिंह ने कुछ समय पहले ही चार्ज लेने और घटना का पता लगाए जाने की बात कही।